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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में शुक्रवार को 18वां गोयल और राजीब गोयल पुरस्कार समारोह हुआ। इसमें देश के आठ वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। गोयल अवार्ड कमेटी की ओर से चार वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार और चार वैज्ञानिकों को राजीब गोयल यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया। समारोह में केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
चार गोयल पुरस्कार के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज में मुंबई से डॉ. अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित, केमिकल साइंसेज में चेन्नई से डॉ. थालप्पिल प्रदीप, लाइफ साइंसेज में दिल्ली से डॉ. परमजीत खुराना और फिजिकल साइंसेज में बेंगलुरु से डॉ. श्रीराम रामास्वामी को सम्मानित किया गया। इसमें दो लाख रुपये की नकद राशि, स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इसके साथ ही 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों को राजीब गोयल पुरस्कार दिया गया। इसमें एप्लाइड साइंसेज के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (एप्लाइड साइंसेज) से डॉ. गोपीनाथ पैकिरिसामी, केमिकल साइंसेज के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (केमिकल साइंसेज) डॉ. देबब्रत मैती, लाइफ साइंसेज के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़ (लाइफ साइंसेज) डॉ. दुर्गा पाल और फिजिकल साइंसेज के लिए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च हैदराबाद (फिजिकल साइंसेज) से डॉ. स्मराजीत कर्माकर को सम्मानित किया गया। प्रत्येक विजेता को पदक, प्रशस्ति-पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी किसी भी राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख स्तंभ : प्रो. अजय सूद
मुख्य अतिथि प्रो. अजय के सूद ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी किसी भी राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच दशकों में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। एक समय ऐसा था जब देश में बुनियादी वैज्ञानिक उपकरण भी आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे और वैज्ञानिकों को स्वयं उपकरण तैयार करने पड़ते थे लेकिन आज भारत वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सफलता के लिए शिक्षकों का सम्मान करें : अनीता सूद
वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद की पत्नी अनीता सूद ने कहा कि छात्रों को यदि जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो उन्हें अपने शिक्षकों का सम्मान करना होगा। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि वे खुद यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल की पूर्व छात्रा रही हैं। उन्होंने कहा कि अपने स्कूल में आने पर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। इस स्कूल ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। वह कभी भूल नहीं सकती।
सूक्ष्म जलबिंदुओं में रसायन की नई संभावनाएं : प्रो. थलप्पिल प्रदीप
गोयल पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. थलप्पिल प्रदीप ने “जब जल सक्रिय हो जाता है सूक्ष्म जल बिंदुओं में खनिजों का विघटन” विषय पर बोलते हुए कहा कि सूक्ष्म जल बिंदुओं (माइक्रोड्रॉपलेट्स) में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएं सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कहीं अधिक तीव्र और अलग प्रकार की होती हैं। उन्होंने कहा कि सामान्यतः जल को एक निष्क्रिय माध्यम माना जाता है किंतु सूक्ष्म स्तर पर यह अत्यंत सक्रिय भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध से वायुमंडलीय रसायन, खनिज अपक्षय और प्रदूषकों के रूपांतरण को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है, जो पर्यावरणीय अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आठ वैज्ञानिकों को गोयल अवार्ड से नवाजा




