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ईरान-इस्राइल में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब हवाई यात्राओं पर साफ दिखने लगा है। ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव और होर्मुज जलडमरू के बंद होने की आशंका के चलते कच्चा तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
इसके चलते विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है जिसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ा है। चंडीगढ़ से दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, लखनऊ और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के किराए में 20 से 25 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी उस समय हुई है जब सरकार ने घरेलू यात्रियों को राहत देने के लिए अधिकतम 25 फीसदी तक ही वृद्धि की सीमा तय कर रखी है।
विमानन कंपनियों ने बढ़ती लागत को देखते हुए नई बुकिंग पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है जो 2 अप्रैल से प्रभावी होगा। दूरी के आधार पर यह अतिरिक्त शुल्क 275 रुपये से लेकर 950 रुपये तक हो सकता है। एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 35 से 45 फीसदी हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। लगातार बढ़ते किरायों से यात्रियों की जेब पर असर पड़ रहा है।
ट्रैवल एजेंट अंकुश चड्ढा ने बताया कि 31 मार्च तक चंडीगढ़ से बंगलूरू का किराया 12 हजार रुपये था, वह अब 16 हजार रुपये तक मिलेगा। चंडीगढ़ से बंगलूरू का हवाई टिकट बुक कर रहे साॅफ्टवेयर इंजीनियर आकाश का कहना है कि उन्हें 11 अप्रैल को चंडीगढ़ से बंगलूरू जाना है लेकिन अब लगभग 5 हजार रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
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हवाई यात्रा महंगी: चंडीगढ़ से दिल्ली-मुंबई के किराये 20 से 25% तक बढ़े, एएटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से असर


