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लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह अब वेस्टर्न कमांड के नए आर्मी कमांडर होंगे। वे अभी भारतीय सेना के उप प्रमुख का पदभार संभाल रहे हैं। मंगलवार शाम को मौजूदा कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपेंगे। कमांडर कटियार करीब 40 साल की सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
चंडीमंदिर स्थित वेस्टर्न कमांड को सेना का सबसे अहम ऑपरेशनल कमांड माना जाता है। खासकर जम्मू-कश्मीर व पंजाब में पाकिस्तान की सीमा से सटे क्षेत्र की सुरक्षा इसी कमांड के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
करीब 38 साल तक सेना में अपनी सेवाएं दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह 31 जुलाई 2025 से सेना में उप प्रमुख का पदभार संभाल रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के नए उपसेना प्रमुख बनने के बाद उन्हें वेस्टर्न कमांड में ट्रांसफर किया जा रहा है।
ऑपरेशन पवन (श्रीलंका), ऑपरेशन मेघदूत (सियाचिन), ऑपरेशन ऑर्चिड, ऑपरेशन रक्षा (कश्मीर) का अहम हिस्सा रहे लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र के पास कश्मीर घाटी और चीन सीमा पर काम करने का बड़ा अनुभव प्राप्त है। वे एलओसी पर एक स्पेशल फोर्स यूनिट की कमान भी संभाल चुके हैं। वे ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान चीन सीमा पर माउंटेन डिवीजन के कमांडर भी रहे। उनके पास ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट का भी बड़ा अनुभव मौजूद है।
पंजाब यूनिवर्सिटी से की एमफिल
मैनेजमेंट स्टडीज में मास्टर्स होने के साथ-साथ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एम फिल की डिग्री भी ली है। इसके अलावा भी उन्होंने कई उच्च स्तरीय कोर्स किए हैं। देश की सेवा में बेहतरीन योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और बार टू सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। दिसंबर 1987 में पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की 4वीं बटालियन से अपनी पारी की शुरुआत करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सिंह वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ ही राइजिंग स्टार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी रह चुके हैं।
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Army: कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल? जो संभालेंगे वेस्टर्न कमांड की कमान, कर चुके ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, जानिए इनके बारे में सबकुछ


