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Iran War: फरीदाबाद के IMT में युद्ध का असर साफ दिखने लगा है. अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव के बीच छोटे-बड़े उद्योग संकट में हैं. कच्चे माल की कमी बढ़ता ट्रांसपोर्ट खर्च और गिरती मांग से कारोबार प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों का कहना है कि हालात कोरोना जैसे बनते जा रहे हैं.
फरीदाबाद. अमेरिका, इज़राइल, और ईरान के बीच तनाव अब भारत के औद्योगिक इलाकों में भी दिखने लगा है. खास तौर पर इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप ((IMT) में. यहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा कई छोटे कारोबार भी चलते हैं और हर कोई परेशान है. इन व्यापारियों का कहना है युद्ध की वजह से कच्चा माल, ट्रांसपोर्ट, सब फंस गया है. कारोबार पर सीधा असर दिख रहा है.
दरअसल, हरियाणा के फरीदाबाद में ऑटो पार्ट्स बनाने वाले मनोज नागर ने Local18 से बातचीत में बताया मेरा बिजनेस करीब 20% प्रभावित हुआ है. पहले की तुलना में लॉजिस्टिक खर्च काफी बढ़ गया, पैकेजिंग महंगी हो गई और लेबर भी ठीक से मिल नहीं रही. सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि ऑर्डर तो ढेर सारे हैं लेकिन रॉ मटेरियल की कमी की वजह से समय पर सप्लाई दे पाना नामुमकिन सा हो गया है.
रमेश अरोड़ा ने बताया मैं पिछले 45 साल से स्प्रिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला हूं. मैं तो बहुत ज्यादा परेशान हूं. हालात रोज़ बदतर हो रहे हैं. रॉ मटेरियल की किल्लत बढ़ गई पैकिंग और ट्रांसपोर्ट खर्चा बहुत बढ़ चुका है. रेट कभी स्थिर नहीं रहते. माल टाइम पर नहीं मिलता और बिजनेस जूझ रहा है. कोरोना जैसे हालात बनते जा रहे हैं.
सनी शेरावत ने बताया मैं इंडस्ट्रियल एयर कूलिंग और मटेरियल प्रोडक्ट्स का काम करते हूं. मेरी भी चिंता बढ़ गई है. ग्राहक फिलहाल खरीदारी से कतराते हैं. कंपनियां बस ज़रूरी सामान ले रही हैं बाकी सब छोड़ दिया है. ऊपर से रॉ मटेरियल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं तो लागत भी उछल गई है. सनी ने बताया कि समझ नहीं आता मटेरियल खरीदें या इंतजार करें? मेरा काम सीजनल है सोच रहे हैं अगर अब नहीं लिया तो ऑर्डर पूरा करना मुश्किल लेकिन महंगी चीज़ खरीद ली और बाजार ठंडा रहा तो घाटा पक्का.
गौरतलब है कि ईरान युद्द की वजह से गैस और तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ा है. कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई कम होने से होटल और ढाबों पर भी सकंट है. क्योंकि ईरान के हार्मुज से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. अब युद्ध का असर फरीदाबाद में साफ देखा जा सकता है.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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