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नारनौल। वर्ष 2021 में पिकप की टक्कर से बाइक सवार कुलदीप की की हुई मौत मामले में एडीजे केपी सिंह की अदालत ने आरोपी कृष्ण कुमार व बीमा कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। मुआवजे की राशि पत्नी, बेटा व पिता को दी जाएगी।
4 सितंबर 2021 की रात 10:15 बजे कुलदीप अपनी बाइक से ड्यूटी जा रहे थे। नसीबपुर के आगे धरसू चौक के पास एक पिकअप चालक कृष्ण कुमार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी जिससे कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनको सिविल अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुलदीप ने 10 लाख मुआवजे की मांग की थी। मुकदमे के दौरान कुलदीप की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी अर्चना देवी, पुत्र प्रिंस और पिता चंद्रभान को कानूनी वारिस के रूप में शामिल किया गया।
सुनवाई में आरोपी के वकील ने दुर्घटना से इंकार किया और कहा कि पुलिस के साथ मिलकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने तर्क दिया कि एफआईआर 26 दिन की देरी से दर्ज की गई है और वाहन को बाद में फंसाया गया है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि दुर्घटना कृष्ण कुमार की लापरवाही से हुई। एफआईआर में देरी को अस्पताल में भर्ती होने के कारण जायज माना गया। कोर्ट ने बिलों के आधार पर मुआवजे की गणना की। चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस पाया गया। इसलिए बीमा कंपनी भुगतान के लिए उत्तरदायी है।
अदालत ने चिकित्सा व्यय 40,100 और विशेष आहार व परिवहन खर्च 20,000 समेत कुल 60,100 रुपये याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित जमा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यह राशि कुलदीप के तीनों कानूनी वारिसों में समान रूप से बांटी जाएगी। नाबालिग पुत्र प्रिंस का हिस्सा उसके वयस्क होने तक बैंक में सावधि जमा के रूप में रखा जाएगा।
बीमा कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह वारिसों के बैंक खातों में राशि सीधे जमा करे।
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Mahendragarh-Narnaul News: सड़क हादसे में मौत मामले में आश्रितों को 60,100 रुपये मुआवजा देने का आदेश


