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फतेहपुर बिल्लौच में 20 बेड का सरकारी अस्पताल जल्द खुलने वाला है. दिल्ली एम्स की ये शाखा 25 से 30 आसपास के गांवों के लोगों को इलाज देगी 24 घंटे इमरजेंसी उपलब्ध होगी. अस्पताल के खुलने से शहर जाने की झंझट खत्म होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
फरीदाबाद: अब फतेहपुर बिल्लौच और आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा. गांव में ही 20 बेड का सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है. काम लगभग पूरा हो चुका है जल्द ही अस्पताल तैयार मिलेगा. ये अस्पताल दिल्ली एम्स की तरफ से बन रहा है और इसके खुलते ही आसपास के कई गांवों के हजारों लोगों को सीधा फायदा होगा. इलाज के लिए बाहर जाने की झंझट खत्म हो जाएगी.
साढ़े 6 एकड़ जमीन पर तैयार होगा अस्पताल
Local18 से बातचीत में गांव की सरपंच सरोज सैनी ने बताया मैं 2022 से फतेहपुर बिल्लौच गांव की सरपंच हूं. हमारे गांव में जो अस्पताल बन रहा है वो साढ़े 6 एकड़ जमीन पर तैयार हो रहा है. इसमें तीन ओटी बनेंगे. इस गांव से बल्लबगढ़ और फरीदाबाद के सरकारी अस्पताल काफी दूर हैं. आस-पास कोई बड़ा अस्पताल नहीं था इसलिए ये अस्पताल बहुत जरूरी था. इससे पास के गांवों को राहत मिलेगी.
25 से 30 गांवों को मिलेगा फायदा
सरोज सैनी ने बताया एम्स की ये शाखा फतेहपुर बिल्लौच समेत कम से कम 25 से 30 गांवों के लिए फायदेमंद होगी. कई गांव तो इतने पास हैं कि लोग यहां 5 से 10 मिनट में पहुंच सकते हैं. करीब 15 से 16 गांव तो अस्पताल से बिल्कुल ही सटे हैं. अब लोगों को फरीदाबाद के अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा यहीं उनका इलाज हो जाएगा. सबसे बड़ी बात अगर कोई गंभीर मरीज है और दिल्ली एम्स जल्दी एडमिट नहीं करता या प्राइवेट हॉस्पिटल से रेफर होकर फंस जाता है तो अब सीधा फतेहपुर बिल्लौच एम्स से दिल्ली एम्स में भेज दिया जाएगा. मरीजों को समय पर सही इलाज मिलेगा.
क्या हैं सुविधाएं
सरोज सैनी ने बताया यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा मिलेगी. आगे चलकर नर्सिंग सेंटर और हॉस्टल जैसी सुविधाएं भी जोड़ते जाएंगे. अभी शुरुआत में 20 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है जिसकी लागत 20 करोड़ रुपए है. अस्पताल का 90 से 95% काम पूरा हो चुका है.
सरपंच ने बताया हमें उम्मीद है अस्पताल मई में हैंडओवर हो जाएगा. CPW इसे मई में हैंडओवर करेगा और मई के आखिरी तक इसे चालू करने की तैयारी है.
रोजगार के अवसर
सरोज सैनी ने बताया हॉस्पिटल खुलने के बाद गांव के लोगों को इलाज तो बेहतर मिलेगा ही रोजगार के भी नए मौके खुलेंगे. कई परिवारों को इससे फायदा होगा. अभी काम तेज़ी से चल रहा है मजदूर लगातार फिनिशिंग के काम में लगे हुए हैं.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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