[ad_1]
चंडीगढ़ कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करना पंजाब रोडवेज को भारी पड़ गया। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित पंजाब रोडवेज की वर्कशॉप को कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई रिटायर कंडक्टर अशोक कुमार की याचिका पर की गई है, जिन्हें लंबे समय से उनके रिटायरमेंट के लाभ नहीं मिल पाए थे। जानकारी के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने करीब डेढ़ साल पहले अशोक कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पंजाब रोडवेज को उनका वेतन और अन्य बकाया लाभ जारी करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके रोडवेज ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद अशोक कुमार ने अदालत में एग्जीक्यूशन याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अब वर्कशॉप कुर्क करने का आदेश दे दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अब भी आदेश का पालन नहीं किया गया, तो विभाग के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट के इस फैसले से सरकारी विभागों को भी साफ संदेश गया है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 2013 में पंजाब रोडवेज ने जबरन किया सेवानिवृत्त मामले के अनुसार, 63 वर्षीय अशोक कुमार को वर्ष 2013 में पंजाब रोडवेज ने जबरन सेवानिवृत्त कर दिया था। वह विभाग में कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वर्ष 2007 में एक सड़क हादसे में मौत के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था, जिसमें निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। हालांकि, उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की और वर्ष 2014 में बठिंडा की ऊपरी अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। इसके बावजूद विभाग ने 2012 में ही अशोक कुमार को दोषी मानते हुए जबरन रिटायर कर दिया था और उनकी पेंशन में पांच प्रतिशत की कटौती भी कर दी थी। अशोक कुमार ने इसके खिलाफ अपील की, जिसके बाद 10 जून 2015 को अपीलीय प्राधिकरण ने विभाग के आदेशों को रद्द करते हुए मामले को दोबारा विचार के लिए भेज दिया। लेकिन विभाग ने 2016 में फिर से लगभग वही आदेश जारी कर दिए और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका भी नहीं दिया गया। इसके बाद अशोक कुमार ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें राहत मिली। अब कोर्ट के सख्त आदेश के बाद पंजाब रोडवेज पर दबाव बढ़ गया है कि वह तुरंत आदेश का पालन करे और सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसका हक दे।
[ad_2]
चंडीगढ़ में कुर्क होगा पंजाब रोडवेज का वर्कशॉप: कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया, कंडक्टर को जबरन रिटायरमेंट दी, दायर की थी याचिका – Chandigarh News

