[ad_1]
कंपनी मामलों के रजिस्ट्रार चंडीगढ़ (Registrar of Companies) ने कंपनी कानून के उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए एक कंपनी की निदेशक पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है। यह मामला अंबिका व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़ा है, जिसकी निदेशक साधिका पर दो अलग-अलग निदेशक पहचान संख्या (डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर) रखने का आरोप था। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि निदेशक 90 दिनों के भीतर गलती को ठीक करें और जुर्माने की राशि जमा कराएं। यह कार्रवाई कंपनी कानून के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है और अन्य निदेशकों के लिए भी एक चेतावनी मानी जा रही है। नहीं थी कोई गलत मंशा अधिकारियों के अनुसार, साधिका ने वर्ष 2007 में पहला निदेशक पहचान संख्या प्राप्त किया था, जबकि वर्ष 2023 में उन्हें दूसरा नंबर भी जारी हो गया। उन्होंने सफाई में बताया कि दूसरा नंबर गलती से और जानकारी के अभाव में बन गया था, इसमें कोई गलत मंशा नहीं थी। हालांकि नियमों के अनुसार एक व्यक्ति के पास केवल एक ही निदेशक पहचान संख्या होना जरूरी है और यदि गलती से दूसरा नंबर जारी हो जाए तो उसे तुरंत सरेंडर करना अनिवार्य होता है। कंपनी की ओर से इस गलती को स्वीकार करते हुए स्वयं आवेदन दिया गया था, लेकिन समय रहते डुप्लीकेट नंबर जमा नहीं कराया गया, जिसे कानून का उल्लंघन माना गया। कंपनी पर लगाया 50 हजार जुर्माना मामले की जांच के बाद कंपनी मामलों के रजिस्ट्रार चंडीगढ़ ने पाया कि कंपनी अधिनियम की धारा 155 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते धारा 454 के तहत आदेश जारी करते हुए निदेशक पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में अधिकतम 50 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि गलती को समय पर ठीक नहीं किया जाता तो इसके बाद हर दिन के हिसाब से 500 रुपए तक अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
[ad_2]
चंडीगढ़ में कंपनी डायरेक्टर पर 50 हजार रुपए का जुर्माना: दोहरी पहचान संख्या रखने पर कार्रवाई, नंबर समय पर सरेंडर न करने का मामला – Chandigarh News


