[ad_1]
Last Updated:
रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है. इसलिए, इसे मंदिर की तरह पवित्र रखना जरूरी है. वास्तु के अनुसार किचन में चप्पल या जुराब पहनना ठीक नहीं माना जाता. साफ-सफाई, सही दिशा और छोटे-छोटे नियम घर की सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.
फरीदाबाद: हमारे घर में रसोई घर को सबसे पवित्र जगह माना जाता है. यहीं से पूरे परिवार के लिए खाना बनता है जो सिर्फ पेट नहीं भरता बल्कि मन को भी ताकत देता है. पुराने समय से रसोई को लेकर कई परंपराएँ और नियम चले आ रहे हैं जिनका असली मकसद सफाई और सकारात्मक माहौल बनाए रखना है. आज की भागमभाग में लोग छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं, जैसे किचन में चप्पल या मोज़े पहनना। लेकिन वास्तु शास्त्र के हिसाब से ये ठीक नहीं है.
क्या है वास्तु नियम
Local18 से बातचीत में बल्लभगढ़ उदासीन आश्रम के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि रसोई में चप्पल या जुराब पहनना वास्तु के नियमों के खिलाफ है. रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास रहता है इसलिए इसे भी मंदिर की तरह पवित्र रखना चाहिए. जैसे मंदिर में चप्पल पहनकर नहीं जाते वैसे ही किचन में भी बिना चप्पल के जाना बेहतर है. हाँ अगर आपको फर्श ठंडी लगे तो नीचे साफ पायदान या आसन बिछा सकते हैं.
क्या होनी चाहिए किचन की दिशा
कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताया किचन की दिशा भी खास होनी चाहिए. रसोईघर आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में होना अच्छा माना जाता है. खाना बनाते समय मुंह पूर्व की ओर होना चाहिए और चूल्हा पश्चिम की ओर रखना चाहिए. ये छोटी बातें दिखने में साधारण लगती हैं लेकिन घर की सुख-शांति पर गहरा असर डालती हैं.
किचन में जूठे बर्तन न छोड़ें
कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताया साफ-सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसमें खाना बनता है उसी बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए. अगर कढ़ाई में सब्जी बनी है तो उसे अलग बर्तन में निकालें फिर कढ़ाई को धो लें. कटोरी, चम्मच आदि को भी अलग-अलग धोना चाहिए. रात को कभी भी जूठे बर्तन न छोड़ें इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है.
खड़े होकर न खाएं
कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताया आजकल लोग खड़े होकर खाना बनाते हैं, जबकि पहले बैठकर फर्श पर खाना बनाया जाता था. वास्तु के हिसाब से बैठकर खाना बनाना शरीर के लिए भी अच्छा है और पाचन शक्ति भी बढ़ती है. बिस्तर पर बैठकर खाने से बचना चाहिए बेहतर है कि जमीन पर आसन लगाकर भोजन करें.
चप्पल या जुराब पहनकर न बनाएं खाना
कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताया रसोई से जुड़ी ये बातें छोटी लग सकती हैं, लेकिन इनका असर पूरे घर के माहौल पर पड़ता है. अगर चप्पल या जुराब पहनकर खाना बनाएंगे तो नकारात्मक ऊर्जा आ जाती है और घर का माहौल भी बिगड़ सकता है. इसीलिए रसोई को हमेशा साफ-सुथरा और पवित्र रखना चाहिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
[ad_2]


