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चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या की प्लानिंग पहले से रची हुई थी। अगर सेक्टर-9 में हत्या का मौका नहीं मिलता, तो आरोपियों ने सेक्टर-35 में वारदात को अंजाम देने की साजिश बनाई हुई थी। प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत बीते बुधवार को अपने दो दोस्तों के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-9 में जिम करने आया था। उसने वहां मुश्किल से करीब 20 मिनट ही जिम किया। इसके बाद उसने अपने दोस्तों से कहा कि वह सेक्टर-35 में बाल कटवाने जा रहा है। यह कहकर वह नीचे आया और अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगा। जैसे ही वह पार्किंग से बाहर निकला, हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। मृतक के परिवार वालों ने लोकल एंगल पर शक जताया है। उनका कहना है कि आरोपी बाहर के हो सकते हैं। लेकिन उन्हें इतनी बारीकी से जानकारी कैसे मिली। सेक्टर-9 के जिम की शिफ्ट सुबह खुलने से लेकर करीब 12 बजे तक होती है और फिर शाम को होती है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति कभी भी आ-जा सकता है, उसकी कोई तय टाइमिंग नहीं होती। बीते बुधवार को भी चमनप्रीत समय से पहले जिम से चला गया। ऐसे में परिवार का आरोप है कि किसी स्थानीय व्यक्ति ने उसकी हर गतिविधि की जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई। एक साल पहले प्रिंस चौहान की धमकी परिवार के अनुसार, करीब एक साल पहले चमनप्रीत को विदेश से प्रिंस चौहान के नाम पर फिरौती की कॉल आई थी, जिसके बाद चमनप्रीत काफी परेशान रहने लगा था। वह किसी से इस बारे में बात नहीं कर रहा था। काफी दिनों बाद उसने यह बात अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद परिवार वालों और दोस्तों ने मिलकर विदेश में बैठे प्रिंस चौहान से उसके करीबी के जरिए संपर्क किया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और मामला सुलझा लिया गया, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि प्रिंस चौहान गैंगस्टर लकी पटियाल ग्रुप से जुड़ा है। गैंगस्टर लकी पटियाल से नहीं बनी बात गैंगस्टर लकी पटियाल और चमनप्रीत के बीच पहले अच्छे संबंध थे। लकी पटियाल ने अपने दोस्त अमित शर्मा उर्फ मीत बाउंसर, जिसकी सेक्टर-26 शिव मंदिर के पास हत्या हो गई थी, के जरिए चमनप्रीत की ड्यूटी कई बार चंडीगढ़ के क्लब में बाउंसर के तौर पर लगवाई थी। इसके बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। करीब डेढ़ साल पहले समझौते की कोशिश भी की गई, जिसमें दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। चमनप्रीत का कहना था कि उसके बारे में गलत जानकारी दी जा रही है और वह किसी का बुरा नहीं करता। बब्बू मान के शो से बढ़ा विवाद प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत के पार्टनर बलकार सिंह ने बताया कि करीब 5 साल पहले उन्होंने गांव में पंजाबी गायक बब्बू मान का शो करवाने की तैयारी की थी, जिसके लिए पूरी पेमेंट भी कर दी गई थी।लेकिन इसे लेकर गैंगस्टर लकी पटियाल ने उन्हें मना किया। इस पर उन्होंने कहा कि अगली बार शो नहीं करवाएंगे, लेकिन इस बार पेमेंट हो चुकी है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। लकी पटियाल ने कहा था कि बब्बू मान का शो यहां नहीं होना चाहिए। उस समय उन्होंने शो करवाया क्योंकि पेमेंट दी जा चुकी थी, जिसके बाद से लकी नाराज हो गया और दोनों के बीच पहले जैसी बातचीत नहीं रही। हत्या से एक दिन पहले घबराया चमनप्रीत बलकार सिंह ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले रात को चमनप्रीत ने उसे सेक्टर-15 में मिलने के लिए बुलाया था। उसने मना कर दिया कि वह घर जा रहा है और परिवार उसका इंतजार कर रहा है।उस दौरान चमनप्रीत डरा हुआ लग रहा था। पूछने पर उसने पहले कुछ नहीं बताया, लेकिन बाद में कहा कि वह अगले दिन ऑफिस में आकर पूरी बात बताएगा। बलकार सिंह के मुताबिक, उसे लग रहा था कि चमनप्रीत किसी बात से डरा हुआ था। उसने उससे पूछने की काफी कोशिश की, लेकिन उसने नहीं बताया कि उसे क्या परेशानी है। बलकार ने कहा कि लगता है चमनप्रीत को शायद पता चल गया था कि कोई उसकी रेकी कर रहा है, जिस कारण वह काफी घबराया हुआ था। उसने उसे इतना घबराया हुआ पहले कभी नहीं देखा। 9 माह पहले अलग खोला ऑफिस चमनप्रीत नागरा पहले बलकार के साथ पार्टनरशिप में काम करता था। दोनों लंबे समय से साथ काम कर रहे थे और उनके बीच कभी कोई विवाद नहीं हुआ। करीब 9 माह पहले चमनप्रीत ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर बूथगढ़ में अपना अलग प्रॉपर्टी डीलर का ऑफिस खोल लिया था। कुछ ही समय में उसने जमीन भी खरीद ली थी और उसका काम अच्छा चल रहा था। गांव वालों का कहना है कि यही कारण था कि उसके दुश्मन बढ़ते चले गए। उसकी तरक्की कुछ लोगों को रास नहीं आई। वह मेहनत से कमाई कर रहा था, न कि किसी गलत तरीके से पैसे कमा रहा था। प्रॉपर्टी डीलर की रेकी और हत्या की पूरी कहानी… हत्या करने के लिए मलेशिया से भारत आया: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या की साजिश गैंगस्टर गौरव पटियाल ने रची। 15 जनवरी में सारा प्लान तैयार हो गया था। इसके लिए उसका करीबी राजन उर्फ पीयूष पहलवान विशेष रूप से मलेशिया से आया था। वह नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा। इसके बाद वह अपने ऑपरेशन को अंजाम देने में जुट गया। इस दौरान उसने हरियाणा, मोहाली और चंडीगढ़ में स्टे किया। सरहद पार से हथियार मंगवाए: पुलिस सूत्र बताते हैं कि मौके पर हथियार धोखा न दे, इसके लिए विशेष तौर पर सरहद पार से हथियार मंगवाए गए थे। बाकायदा इन्हें चलाने की प्रैक्टिस तक की गई। इसके बाद लगातार 5 दिन तक चमनप्रीत का पीछा किया। इसकी भनक चमनप्रीत को थी। ऐसे में वह बचने की पूरी कोशिश कर रहा था। उसने जिम भी ऐसी जगह पर चुना जहां चंडीगढ़ पुलिस का मुख्यालय से लेकर सारे सरकारी दफ्तर हैं। इसके बाद भी चंडीगढ़ के अटावा में रुके शूटर उसे मारकर भाग गए। चंडीगढ़ से हरियाणा तक सारा रूट पता था: आरोपियों को ट्राइसिटी के सारे रूट पता थे। उन्हें यह भी पता था कि किन इलाकों में पुलिस नहीं होती और कहां पुलिस होने के बावजूद नाकों पर चेकिंग नहीं होती। ऐसे में वे हत्या के बाद बाइक पर हेलमेट पहने सीधे फेज-8 और 9 के पीछे से निकलते हुए किसान भवन पहुंचे। उसी रोड से आगे मोहाली में प्रवेश कर गए। मोहाली से कैमरों वाले रोड पार कर उन्होंने बाइक छोड़ दी। मोहाली में रुके, लिफ्ट लेकर हरियाणा पहुंचे: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कुछ देर मोहाली एरिया में रुके। उन्होंने गौरव पटियाल से संपर्क किया। इसके बाद वे हरियाणा के लिए निकल गए। आगे उन्होंने किसी वाहन से लिफ्ट ली, जिससे पुलिस को ट्रेस करने में थोड़ी मुश्किल हुई। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने टेक्निकल सपोर्ट के सहारे उनका पीछा जारी रखा। करीब 130 किलोमीटर तक पीछा किया गया। इसके बाद आरोपी कैथल में लोकेट हुए।
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चंडीगढ़ प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस में खुलासा: पहले से तय थी हत्या की योजना, सेक्टर-9 न सही तो सेक्टर-35 था निशाना – Chandigarh News


