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Faridabad NCERT Books Price : फरीदाबाद के स्कूलों में नए सत्र से पहले छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है. इस साल एनसीईआरटी की किताबों के दाम कम हुए हैं. दुकानदारों का कहना है कि सिलेबस कम होने से कीमतों में गिरावट आई है, जिससे अभिभावकों पर पढ़ाई का खर्च थोड़ा कम पड़ेगा. बल्लभगढ़ मार्केट में नितिन जिंदल बुक शॉप के मालिक ने लोकल 18 को बताया कि आठवीं तक एनसीईआरटी की किताबों की कीमत पहले जैसी ही है.
फरीदाबाद. फरीदाबाद में नए एडमिशन सत्र की शुरुआत होने वाली है और इसके साथ ही बाजारों में रौनक भी बढ़ने लगी है. हर साल की तरह इस बार भी बच्चे और उनके माता-पिता किताबें खरीदने के लिए बुक शॉप्स का रुख कर रहे हैं. दुकानों पर लोग किताबों के दाम पूछ रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साल क्या बदलाव हुआ है.
अगर एनसीईआरटी की किताबों की बात करें तो 10वीं और 12वीं के सिलेबस में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है जिससे इन कक्षाओं के छात्रों को राहत मिली है. वहीं 9वीं कक्षा के सिलेबस में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं जिसके चलते नई किताबें लेनी जरूरी होंगी. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सरकार की तरफ से एनसीईआरटी की किताबों के रेट में 2025 में ही करीब 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी आई थी इस बार भी वही रेट है सरकार ने कोई रेट इस बार भी नहीं बढ़ाए हैं जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ थोड़ा कम होगा.
बल्लभगढ़ मार्केट में करीब 35 साल से दुकान चला रहे बुक शॉप के मालिक नितिन जिंदल Local 18 से बातचीत में बताते हैं कि उनके यहां होलसेल और रिटेल दोनों का काम है. आठवीं तक एनसीईआरटी की किताबों की कीमत पहले जैसी ही है. रेट फिक्स हैं, लेकिन 9वीं से 12वीं तक की किताबों के रेट सरकार ने 15% से 20% तक कम किए हैं.
नितिन ने बताया कि अगर किसी किताब की एमआरपी 100 रुपये थी, वो अब 85 रुपये में मिल रही है. 150 रुपये वाली किताब अब करीब 120 रुपये में मिल रही है. ये प्राइस घटे हैं क्योंकि सिलेबस भी कम हुआ था. सिर्फ जरूरी मैटर ही किताबों में दिया गया है. सिर्फ एनसीईआरटी किताबों पर ही रेट कम हुए हैं. नितिन ने बताया कि हमारे दुकान पर ग्राहक दूर-दूर से आते हैं, फतेहपुर, बिल्लौच, सिकरी, फरीदाबाद, बॉर्डर से लेकर दिल्ली और मथुरा तक से.
किसमें कितनी कमी
दुकानदार नितिन कहते हैं कि हमारे पास बिल्कुल सही प्राइस में किताबें मिल जाती हैं. पहले ऑनलाइन सेल भी करते थे, अब सिर्फ दुकान से ही बिक्री होती है. दुकान उनके पिताजी ने शुरू की थी और अब वे खुद चला रहे हैं. 15 साल पहले अपने पिताजी के साथ काम शुरू किया था. इस साल रेट में जो कमी आई है उसका उदाहरण देते हुए नितिन ने बताया कि दसवीं क्लास की गणित की किताब जो पहले 160 रुपये की थी, अब 125 रुपये में मिल रही है. दसवीं की साइंस की किताब पहले 210 रुपये थी अब 160 रुपये में मिल रही है. 12वीं की फिजिक्स की पार्ट वन किताब पहले 200 रुपये की थी, अब 155 रुपये में मिल रही है. इसी तरह 12वीं मैथ्स की किताब पहले 140 रुपये की थी, अब 110 रुपये में मिल रही है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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