चंडीगढ़ में डेंगू पी​डि़त छात्रा की मौत में अस्पताल दोषी: मोहाली के निजी हॉस्पिटल व 3 डॉक्टरों पर 45 लाख जुर्माना, ICU में कैथेटर 32 घंटे गलत – Mohali News Chandigarh News Updates

[ad_1]


चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मोहाली के Ivy Hospital और उसके तीन डॉक्टरों को 19 वर्षीय छात्रा गुरप्रीत कौर की मौत के मामले में गंभीर मेडिकल नेग्लिजेंस का दोषी ठहराया है। आयोग ने अस्पताल और डॉक्टरों पर कुल 45 लाख रुपये का मुआवजा लगाया है, जबकि सरकारी अस्पताल को क्लीन चिट दे दी गई है। IAS बनना चाहती थी बेटी मामला चंडीगढ़ निवासी कविता की बेटी गुरप्रीत कौर से जुड़ा है, जो बीकॉम की छात्रा थी और IAS बनने का सपना देखती थी। 19 दिसंबर 2021 को दस्त और संबंधित लक्षणों के चलते सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन हालत बिगड़ने पर 20 दिसंबर को Ivy Hospital, मोहाली में भर्ती किया गया। 22 दिसंबर 2021 को उसकी मौत हो गई। सेंट्रल वेनस कैथेटर गलत जगह जिला आयोग ने शिकायत खारिज कर दी थी, लेकिन राज्य आयोग ने अपील पर फैसला पलट दिया। आयोग ने पाया कि अस्पताल में गंभीर लापरवाही हुई। सेंट्रल वेनस कैथेटर गलत जगह (इंटरनल जुगुलर वेन ) लगा, जो 32 घंटे तक पता नहीं चला। ICU प्रोटोकॉल के अनुसार इमेजिंग से तुरंत कन्फर्मेशन जरूरी था, लेकिन यह मेडिकली इंडिफेंसिबल लापरवाही थी, जिससे इलाज प्रभावित हुआ और मरीज की हालत बिगड़ी। डेंगू टेस्ट में देरी डेंगू टेस्ट की सलाह सुबह 9.30 बजे दी गई, लेकिन सैंपल 5 घंटे बाद लिया गया और रिपोर्ट और देर से आई। डेंगू में जल्दी डायग्नोसिस जरूरी है, लेकिन यह मानकों के खिलाफ था। प्लेटलेट्स 72,000 से 22,000 तक दो दिनों में गिरे, लेकिन मॉनिटरिंग नाकाफी रही। ट्रांसफ्यूजन रिकॉर्ड अस्पष्ट थे और डेंगू प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया गया। तीन डॉक्टरों पर भी जुर्माना अस्पताल ने ब्लड और प्लेटलेट्स पहले से इंतजाम नहीं किए, परिवार को आखिरी समय पर इकट्ठा करने पड़े। आयोग ने अस्पताल को 10 लाख, डॉ. गुरप्रीत सिंह बबरा को 10 लाख, जबकि डॉ. चेतन गोयल और डॉ. राजीव धुनना को 12.5-12.5 लाख (कुल 25 लाख) का मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही 40 हजार रुपये मुकदमे की लागत भी लगाई।

[ad_2]
चंडीगढ़ में डेंगू पी​डि़त छात्रा की मौत में अस्पताल दोषी: मोहाली के निजी हॉस्पिटल व 3 डॉक्टरों पर 45 लाख जुर्माना, ICU में कैथेटर 32 घंटे गलत – Mohali News