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हिसार। दयानंद महाविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से वीरवार को वार्षिक प्रदर्शनी 2026 का आयोजन किया गया। वस्तु दुर्लभ पुरावेष: विरासत और जमीन विषय पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन सीआरएम जाट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार बाजिया ने किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जड़ों और विरासत को समझते हुए पढ़ाई को रुचिकर बनाना चाहिए।
इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने प्रदर्शनी में रखे पुरावेषों की जानकारी दी। इसमें हड़प्पा सभ्यता से संबंधित बर्तन, खिलौने, शृंगार सामग्री और ईंटें, वैदिक काल के घूसर मृदभांड (पीजीडब्ल्यू) के बर्तन, गुप्तकालीन मूर्तियां, यूनानी सिक्के, प्रथम विश्व युद्ध के मेडल, समुद्री युद्ध में प्रयुक्त दूरबीन, कृषि उपकरण और हरियाणा की संस्कृति से जुड़े वाद्य व वस्त्र प्रदर्शित किए गए।
आकाशवाणी कलाकार आजाद दुहन ने हरियाणा की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में 23 मार्च शहीदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि भी दी गई। कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. यशुराय तायल ने कहा कि इतिहास केवल पुस्तकों का विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का आधार है। इस अवसर पर सुमिता तायल, परनीता सिंह, विनीत बनवाला सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. छवि मंगला ने किया।
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Hisar News: दयानंद महाविद्यालय में इतिहास विभाग की प्रदर्शनी में दिखी विरासत की झलक



