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सितंबर 2022 को टोहाना के पास ट्रेन में छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसे ट्रेन से नीचे धक्का देकर मारने के दोषी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरूण सिंगल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने दोषी संदीप को छेड़छाड़ का भी दोषी ठहराते हुए तीन साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
लगभग साढ़े तीन साल पहले एक सितंबर 2022 को हुए इस जघन्य अपराध ने जिलावासियों को झकझोर कर रख दिया था। जिस समय महिला को ट्रेन से धक्का दिया गया, उस समय उसका बेटा भी वहीं पर मौजूद था। उसी ने स्टेशन पर इंतजार कर रहे अपने पिता को सारी घटना के बारे में बताया था। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल और डा. सुनील कुमार खिच्ची ने सजा की पुष्टि की है।
मिली जानकारी के अनुसार एक सितंबर 2022 को एक महिला रोहतक स्थित अपने मायके से टोहाना में अपने ससुराल आ रही थी। टोहाना से आधे घंटे की दूरी पर उसने अपने पति को अपने आने की सूचना दी जिसके बाद महिला का पति टोहाना रेलवे स्टेशन पर उसका इंतजार करने लगा। महिला के साथ उसका छोटा बेटा भी था।
आरोप है कि संदीप ने इस दौरान शराब के नशे में उससे छेडछाड़ की और विरोध करने पर उसके साथ धक्का-मुक्की करते हुए चलती ट्रेन से नीचे गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बेटे के बताने पर मृतका के पति ने जीआरपी पुलिस को सूचित किया तो तलाशी के दौरान मृतका का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी को काबू कर लिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला अटॉर्नी डॉ. नरेंद्र सिंह ने पैरवी करते हुए सशक्त और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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