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- Aeroplane Rice Co. IPO: Price Band ₹201 212, Listing April 2; Raises ₹440 Cr
मुंबईकुछ ही क्षण पहले
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एयरोप्लेन ब्रांड से बासमती चावल बेचने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स का आईपीओ 24 से 27 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹201 से ₹212 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का प्लान ₹440 करोड़ जुटाने का है।
कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा
कंपनी ने आईपीओ के लिए 70 शेयरों का लॉट साइज तय किया है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड ₹212 के हिसाब से निवेशकों को कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा।
50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए और 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है।
पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा, OFS का कोई हिस्सा नहीं
इस आईपीओ में कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) नहीं है। यानी, प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं, बल्कि पूरे ₹440 करोड़ के नए शेयर होंगे। इस रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।
9 महीने में कंपनी को हुआ ₹48 करोड़ का मुनाफा
31 दिसंबर 2024 को खत्म हुई 9 महीने की अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,421.3 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी ने ₹48.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। प्री-आईपीओ राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹1,877 करोड़ आंकी गई है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹2,195 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है।
KRBL और LT फूड्स जैसी कंपनियों से है मुकाबला
अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स मुख्य रूप से बासमती चावल की प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का काम करती है। बाजार में इसका मुकाबला ‘इंडिया गेट’ ब्रांड वाली कंपनी KRBL लिमिटेड, ‘दावत’ वाली LT फूड्स और सर्वेश्वर फूड्स जैसे बड़े नामों से है। चावल के अलावा कंपनी अब FMCG सेक्टर में भी हाथ आजमा रही है और किचन के जरूरी सामान बेच रही है।
2 अप्रैल को शेयर बाजार में एंट्री होगी
आईपीओ के टाइमलाइन की बात करें तो शेयरों का अलॉटमेंट 30 मार्च को फाइनल हो सकता है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 1 अप्रैल तक रिफंड मिल जाएगा और अलॉटमेंट पाने वालों के डीमैट अकाउंट में उसी दिन शेयर क्रेडिट हो जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 2 अप्रैल को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर होने की उम्मीद है।
रिस्क फैक्टर चेकलिस्ट
बासमती चावल का बड़ा हिस्सा विदेशों में एक्सपोर्ट होता है। सरकार अक्सर घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) तय कर देती है। अगर MEP बहुत ज्यादा हो चावल के महंगे होने से एक्सपोर्ट कम हो सकता है।
धान की खेती के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। अगर मानसून कमजोर रहता है या बेमौसम बारिश होती है, तो पैदावार कम हो सकती है। इससे कच्चे माल (धान) की कीमतें बढ़ जाती हैं, जो कंपनी के मुनाफे को कम कर देती हैं।
बासमती का बड़ा बाजार खाड़ी देश हैं। हाल के ईरान-इजराइल तनाव जैसे युद्ध की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होती है, जिससे माल ढुलाई और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ जाता है।
एक्सपोर्ट बिजनेस होने के कारण भुगतान डॉलर में होता है। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में होने वाले बड़े बदलाव कंपनी के रेवेन्यू पर सीधा असर डालते हैं।
अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स के बारे में जानें…
यह बासमती चावल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली 50 साल पुरानी और जानी-मानी कंपनी है। भारत के टॉप-5 बासमती चावल प्रोड्यूसर्स और एक्सपोर्टर्स में इसका नाम आता है।
धान की खरीद, स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए कंपनी का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, यूपी और एमपी तक फैला हुआ है। कंपनी दुनिया के 6 महाद्वीपों में अपने बड़े ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।
कंपनी के CMD जगदीश सूरी है। कंपनी अपने ब्रांड ‘एयरोप्लेन राइस’ के लिए पहचानी जाती है। इसके अलावा ला-टेस्ट, अलीबाबा, वर्ल्ड कप, हानी, पाम ट्री, ग्रीनफील्ड, सोफिया और अल जजीरा जैसे ब्रांड्स के जरिए कंपनी चावल की अलग-अलग वैरायटी बेचती है।
Source: https://www.bhaskar.com/business/news/amir-chand-jagdish-kumar-ipo-price-band-set-137476354.html


