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करनाल। महिला एवं बाल विकास विभाग की वन स्टॉप केंद्र सखी योजना मुसीबत में महिलाओं के लिए सबसे बड़ी दोस्त साबित हो रही है। वर्ष 2015 में शुरू योजना घरेलू और सामाजिक उत्पीड़न के मामलों को महिलाओं सुरक्षा, आसरा और कानूनी सहायता दी जाती है। योजना में अब तक 1,940 घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। कुल 4,879 मामलों में महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई है। महिला हेल्पलाइन 181 पर हर माह 10 से 15 से अधिक शिकायतें आती हैं जिनमें तत्काल महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
वन स्टॉप सखी केंद्र योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो किसी भी प्रकार की हिंसा घरेलू, शारीरिक, मानसिक, यौन या आर्थिक हिंसा का सामना कर रही हों। केंद्र में महिलाओं को स्वास्थ्य सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह, काउंसिलिंग और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
वन स्टॉप केंद्र में पिछले 10 साल में घरेलू हिंसा के 1940 मामले, दुष्कर्म के 32, याैन उत्पीड़न के 12, महिला तस्करी के 10, बच्चियों के साथ याैन उत्पीड़न के 40, बाल विवाह के 41, गुमशुदा 240, साइबर क्राइम के 20, दहेज के तीन मामलों में सहायता उपलब्ध कराई गई।
पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि महिलाओं में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महिलाएं इमरजेंसी की स्थिति में घर से व कहीं से भी किसी भी समय हेल्पलाइन नंबर 181 पर फोन कर सकती हैं। जिसके बाद टीम तुरंत सहायता के लिए पहुंच जाएगी। केंद्र में भी सीधे आ सकती हैं। तुरंत सहायता व सेवा दी जाएगी। -सविता राणा, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी
अपराध का आंकड़ा…
वर्ष घरेलू हिंसा दुष्कर्म/ याैन उत्पीड़न अन्य कारण
2016 – 137 3 92
2017 – 34 0 85
2018 – 163 11 176
2019 – 226 2 233
2020 – 166 8 256
2021 – 212 2 231
2022 – 249 14 278
2023 – 206 5 171
2024 – 172 0 307
2024 मार्च -2025 अप्रैल – 160 0 246
2025 मार्च- 2026 मार्च (अब तक) – 215 0 466
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Karnal News: वन स्टाॅप केंद्र सखी योजना… 10 साल में 4,879 महिलाओं को मिला आसरा




