चंडीगढ़ सेक्टर 7 मार्केट: दस साल से खंडहर बना शौचालय, योजना बनाने वालों के सेक्टर में ही ओडीएफ की खुली पोल Chandigarh News Updates

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जिस सेक्टर में शहर की योजनाएं बनाने वाले अधिकारी रहते हों, वहीं लोग शर्मसार होने को मजबूर हैं। लोकभवन से करीब 1200 मीटर दूर स्थित सेक्टर-7 के मध्यमार्ग की बूथ मार्केट का हाल बेहाल है। चारों ओर गंदगी फैली हुई है और ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) के दावों की हकीकत यहां साफ नजर आती है। 

मार्केट में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा करीब 10 वर्षों से बंद पड़ी है। ऐसे में यहां आने वाले लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

मार्केट के शौचालय के बाहर एरो का निशान बनाकर टॉयलेट बैक साइड लिखा हुआ है, लेकिन अंदर की हालत खंडहर जैसी है। दरवाजे का शीशा टूटा हुआ है और अंदर लकड़ी व अन्य सामान रखा हुआ है। छत पर पेड़ की टहनियां उग आई हैं और छज्जा भी टूट चुका है। मार्केट में आने वाली महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।


मार्केट के दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान

बूथ मार्केट का हाल बेहाल है। दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान हैं। यहां कार बाजार के ऑनर भी बैठते हैं। बारिश के समय स्थिति और खराब हो जाती है। सफाई का बुरा हाल है और कोई देखने वाला नहीं है। टॉयलेट को जल्द ठीक कर मार्केट की सफाई और रेनोवेशन कराया जाना चाहिए। -राजेश गुप्ता, गुप्ता कार सेंटर, सेक्टर-7

चुनाव के समय ही आते हैं नेता

कई वर्षों से हम सभी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकारी अगर एक बार भी यहां आकर देखें तो समस्या का समाधान हो सकता है। चुनाव के समय नेता आते हैं, उसके बाद कोई देखने नहीं आता। बंद पड़े टॉयलेट को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। -बीरेंद्र सिंह, सेक्टर-7

प्रशासक एक बार दौरा कर लें तो ठीक हो जाएगा

अब उम्मीद प्रशासक से ही है। वे जहां भी जाते हैं, वहां की समस्या हल हो जाती है। हाल ही में सेक्टर-26 की मंडी में उनके दौरे के बाद सफाई व्यवस्था सुधरी है। अगर वे हमारी मार्केट का दौरा करें तो स्थिति का पता चल जाएगा। -सुनील गोगना, सेक्टर-7

गंदगी का ढेर लगा हुआ है

बूथ मार्केट के आसपास दीवारों के किनारे गंदगी का ढेर पड़ा है। पार्षद या अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। हम सभी तरह के टैक्स देते हैं तो सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। शहर को ओडीएफ फ्री कहना सिर्फ कागजों में ही दिखता है। -संजीव पाहवा, सेक्टर-7



कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जब लोग टॉयलेट का रास्ता पूछते हैं तो बहुत दुख होता है। मार्केट की छत और पिलर भी कई जगह से जर्जर हो चुके हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। -राजन सूद, सेक्टर-7

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चंडीगढ़ सेक्टर 7 मार्केट: दस साल से खंडहर बना शौचालय, योजना बनाने वालों के सेक्टर में ही ओडीएफ की खुली पोल