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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कुलसचिव दविंदर सचदेवा ने विश्वविद्यालय को प्रस्ताव भेजते हुए सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सेवा शुल्क प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय स्वास्थ्य सेवा शुल्क के रूप में 1080 वार्षिक राशि सीधे पेंशन से काटने की व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है। इससे सेवानिवृत्त कर्मियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
सचदेवा ने बताया कि विवि के अधिकतर सेवानिवृत्त कर्मचारी दूर-दराज के विभिन्न शहरों में रहते हैं। ऐसे में हर वर्ष 1080 रुपये जमा कराने और मेडिकल बुक में एंट्री कराने में काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ये राशि अप्रैल या मई माह में काटने की अनुमति दे। मई-जून माह की देह पेंशन से समायोजित की जा सकती हैं। विश्वविद्यालय के नियमित कर्मियों से 90 प्रति माह वसूल करता है। इसी तर्ज पर सेवानिवृत्तों के लिए ऐसी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे एकत्रित एकमुश्त राशि का उपयोग विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र की ओर से दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए कर सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मुद्दे पर कुंटिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करके इस कटौती को प्रभावी बनाने के लिए कार्य कर सकता है।
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Kurukshetra News: सेवानिवृत्तों के लिए स्वास्थ्य सेवा शुल्क सीधे पेंशन से काटने की मांग




