RDX Case Ambala: हर आरोपी के खाते में आना था कैश, पुलिस पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे Latest Haryana News

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पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के साथ मिलकर आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में घूमते हुए पकड़े गए तीनों आरोपियों को सुरक्षा एजेंसियां निशानदेही के लिए राजस्थान, पंजाब में अलग-अलग ठिकानों पर लेकर गई। पूछताछ में सामने आया कि हर आरोपी को इस काम के लिए 50 से 60 हजार रुपये मिलने थे लेकिन यह राशि खाते में आने से पहले ही वह पकड़े गए।

अजमेर के दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला निवासी अकबर अली के निवास पर रविवार को एजेंसी ने दबिश दी। जहां से कुछ अहम दस्तावेज कब्जे में लिए। उधर, आरोपी अकबर के भाई अली असगर ने कहा कि 8 मार्च को सुबह 6 बजे अकबर घर से जयपुर से दिल्ली जाने के लिए निकला था। वह एक हजार रुपये लेकर गया था। रात को फिर फोन पर 500 रुपये मांगे थे। इसी मामले में चौथे आरोपी मक्खनदीन की भी पंजाब के अमृतसर में पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की बात सामने आ रही है लेकिन अभी तक अंबाला पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।

हनुमानगढ़ था निशाना, भट्टी के कहने पर भेज रहे थे लोकेशन

आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि हनुमानगढ़ उनका निशाना था। भट्टी के कहने पर ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली में अलग-अलग जगह की लोकेशन भेजी थी। भट्टी इंस्टाग्राम के जरिये युवाओं को जोड़कर नेटवर्क बना रहा था। तीनों आरोपी अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू, मेरठ निवासी अनस रईस, अंबाला के कंबासी गांव निवासी जंगबीर से निशानदेही कराई जा रही है। तीनों की गिरफ्तारी के बाद 10 जनवरी को बलदेव नगर थाने में हुए धमाके के प्रयास के मामले के तार भी इस साजिश से जुड़ रहे हैं। उस समय भी सिग्नल एप के जरिये ही सारी प्लानिंग हुई थी। इसके साथ ही पंजाब पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कुछ दिन पहले मालेरकोटला में पकड़े गए शहजाद भट्टी से जुड़े तीन युवकों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फरहान अंजुम, अदनान खान उर्फ नानू, वारिस अली के रूप में हुई थी। वो भी इसी तरह से किसी वारदात को अंजाम देन की फिराक में थे।

 

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