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हिसार। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, हिसार के तत्वावधान में शनिवार को हिसार, हांसी, नारनौंद और बरवाला न्यायालय परिसरों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 26,087 मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत का आयोजन प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं न्यायाधीश अलका मलिक के मार्गदर्शन में किया गया।
लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 730 मामलों में से 681 मामलों में 2 करोड़ 13 लाख 91 हजार 189 रुपये की वसूली हुई। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के 45 मामलों में से 29 मामलों में 3 करोड़ 20 लाख 8 हजार 500 रुपये के क्लेम पास किए गए।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि लोक अदालत में कुल 26,946 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया था जिनमें से 26,087 मामलों का निपटारा किया गया। समरी और ट्रैफिक चालान के 309 मामलों में से 175 मामलों का समाधान किया गया, जबकि पारिवारिक न्यायालय में 158 मामलों में से 95 मामलों का निपटारा हुआ। इसके अलावा आपराधिक, राजस्व, दीवानी, चेक बाउंस और चालान से जुड़े मामलों की भी सुनवाई की गई।
उन्होंने बताया कि हिसार, हांसी, नारनौंद और बरवाला में आयोजित लोक अदालत के लिए कई न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों में डॉ. गगनदीप मित्तल (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश), मधुलिका (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश), डॉ. परमिंदर कौर (प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट), अनुराधा (एसीजेएम), हर्षा शर्मा (जेएमआईसी) और आयुष (जेएमआईसी) सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने मामलों की सुनवाई की।
चेक बाउंस मामलों में समझौता
अधिवक्ता गौरव नैन ने बताया कि एचडीएफसी बैंक से जुड़े चेक बाउंस के 31 मामलों में लोक अदालत के माध्यम से समझौता हुआ। कई मामलों में पक्षकारों ने आपसी सहमति से बकाया राशि जमा कर विवाद समाप्त कर दिया, जिससे दोनों पक्षों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली।
19.30 लाख के लोन मामले में हुआ समझौता
पानीपत निवासी विजय कुमार ने वर्ष 2022 में एचडीएफसी बैंक से 19 लाख 30 हजार रुपये का लोन लिया था। इसके बदले उन्होंने बैंक को करीब 16 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने अदालत में मामला दायर किया था। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और विजय कुमार ने बकाया राशि जमा कर दी। समझौते के बाद उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
महलसरा निवासी ने भी चुकाया बकाया लोन
महलसरा गांव निवासी सतपाल ने वर्ष 2022 में एचडीएफसी बैंक से करीब 13 लाख रुपये का लोन लिया था और बैंक को 8 लाख रुपये का चेक दिया था। चेक बाउंस होने के बाद बैंक ने अदालत में मामला दर्ज कराया था। यह मामला भी लोक अदालत में रखा गया, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और सतपाल ने बकाया राशि अदा कर दी।
रोडवेज बस की टक्कर से मौत के बाद पिता को मिला 16.20 लाख का मुआवजा
करीब दो वर्ष पहले सिरसा रोड पर पैदल जा रहे जगान निवासी 30 वर्षीय प्रवीण को रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता रामपाल ने मुआवजे के लिए अदालत में दावा दायर किया था। अधिवक्ता गौरव नैन ने बताया कि लोक अदालत में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और शिकायतकर्ता के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत कंपनी ने मुआवजे के रूप में 16 लाख 20 हजार रुपये देने पर सहमति जताई, जिससे परिवार को आर्थिक राहत मिली।
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Hisar News: समझौते से सजे न्याय के पल, राष्ट्रीय लोक अदालत में 26,087 मामलों का निपटारा




