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हरियाणा के अंबाला में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 1.9 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद हुआ है. शुरुआती जांच में इसके आरडीएक्स होने की आशंका जताई जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में एक मेरठ और दूसरा अजमेर का निवासी बताया जा रहा है, जिससे मामले में मेरठ कनेक्शन की भी जांच शुरू हो गई है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक कहां से आया और इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था.
अंबाला से तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से करीब 1,900 ग्राम संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है.
हरियाणा के अंबाला में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से करीब 1,900 ग्राम संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोटक आरडीएक्स हो सकता है. बरामद सामग्री काले रंग की बताई जा रही है, जो आरडीएक्स की विशेषता मानी जाती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है.
कुछ देर बाद जैसे ही संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठी एसटीएफ टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उनके कब्जे से करीब दो किलो के आसपास विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ. पुलिस ने तुरंत तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी.
इस विस्फोटक का क्या है मेरठ कनेक्शन?
प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार युवकों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ, अजमेर (राजस्थान) और हरियाणा के अंबाला जिले के कबांसी गांव के निवासी के रूप में हुई है. इनकी उम्र करीब 20 से 25 साल के बीच बताई जा रही है. मोटरसाइकिल चला रहे युवक की पहचान जंगबीर के रूप में हुई है. पुलिस अब मेरठ कनेक्शन समेत तीनों आरोपियों के आपसी संबंध और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.
इतने RDX से कितना नुकसान?
एसटीएफ अंबाला के अधिकारियों का कहना है कि बरामद विस्फोटक की जांच विशेषज्ञों से कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किस प्रकार का विस्फोटक है और इसकी विनाशकारी क्षमता कितनी है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से लाया गया और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
सूत्रों के मुताबिक, अगर बरामद विस्फोटक वास्तव में आरडीएक्स निकला, तो करीब दो किलो आरडीएक्स से बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सकती थी. आरडीएक्स बेहद शक्तिशाली सैन्य ग्रेड विस्फोटक माना जाता है, जिसका इस्तेमाल अक्सर बड़े आतंकी हमलों में किया जाता रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार इतनी मात्रा में आरडीएक्स किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके, बाजार या इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए काफी होता है.
डीएसपी अमन के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं. आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और पिछले रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें
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