Share Market Crash Reasons: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से गिरावट का सिलसिला जारी है. 13 मार्च दोपहर करीब 12:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 1028.68 अंक तक फिसल गया था और 75,005.74 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में गिरावट देखने को मिल रही थी.
निफ्टी 361.05 अंक टूटकर 23,278.10 अंक पर कारोबार कर रही थी. विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक संकेतों ने बाजार का मूड खराब करने का काम किया है. आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?
1. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बाजार में गिरावट
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया है. दरअसल, ईरान की ओर से दो ऑयल टैंकरों पर हमले की खबरों के बाद होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई.
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत हद तक आयात पर निर्भर है. मिडिल ईस्ट में पैदा हुई इस स्थिति से कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. ऐसे में आज बाजार का रूख बिगड़ गया और शेयर मार्केट में गिरावट देखने को मिली.
2. वैश्विक स्तर पर मिलते कमजोर संकेत
ईरान-इजरायल विवाद का असर वैश्विक बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. एशिया के अन्य बाजारों की बात करें तो, जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है.
साथ ही अमेरिकी बाजार में दबाव देखने को मिला. कुल मिलाकर वैश्विक स्तर से मिल रहे निगेटिव संकेतों से भारतीय घरेलू बाजार में गिरावट रही.
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी भी मानी जा रही है. एक्सचेंज के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए.
इतना ही नहीं, मार्च महीने की शुरुआत से अब तक विदेशी निवेशक कुल मिलाकर 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं. इस बड़े पैमाने पर हुई निकासी का असर बाजार की चाल पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.
4. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
करेंसी के रिंग में रुपये पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है. शुक्रवार को भारतीय मुद्रा 12 पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 92.37 के स्तर तक पहुंच गई. जो अब तक के निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मजबूत डॉलर की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है.
जब रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो जाती है. जिसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ता है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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Source: https://www.abplive.com/business/stock-market/indian-stock-market-fall-reasons-sensex-nifty-decline-crude-oil-fii-selling-rupee-weakness-know-the-details-3100865



