क्या होती है एंडोमेट्रियोसिस, जिसकी वजह से महिलाओं में हो जाता है बांझपन? Health Updates

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What Is Endometriosis And How It Causes Infertility: एंडोमेट्रियोसिस एक मुश्किल और अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बीमारी है, जो दुनिया भर में बड़ी संख्या में महिलाओं को प्रभावित करती है. यह समस्या आमतौर पर किशोरावस्था में पहले पीरियड से शुरू होने के बाद से लेकर मेनोपॉज तक किसी भी उम्र में हो सकती है. डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में यही बीमारी आगे चलकर महिलाओं में प्रेग्नेंसी में परेशानी या बांझपन का कारण बन जाती है.

क्या होता है एंडोमेट्रियोसिस?

संयुक्त राष्ट्र की स्पेशल हेल्थ एजेंसी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, एंडोमेट्रियोसिस में यूट्रस की अंदरूनी परत शरीर के अन्य हिस्सों में बढ़ने लगता है. सामान्य स्थिति में यह टिश्यू सिर्फ यूट्रस की लाइनिंग में पाया जाता है, लेकिन इस बीमारी में यह ओवरी, फैलोपियन ट्यूब या पेल्विक क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी फैलाव हो सकता है. इससे शरीर में सूजन, दर्द और स्कार टिश्यू बनने लगते हैं, जो प्रजनन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं. यही वजह है कि कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी में दिक्कत होती है.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट का कहना है कि एंडोमेट्रियोसिस का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि नई रिसर्च में इसे इम्यून सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों से भी जोड़ा गया है. कई मामलों में यह बीमारी परिवार में पहले से मौजूद रहने पर भी देखने को मिलती है. इसके अलावा जिन महिलाओं को ल्यूपस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस या इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज जैसी इम्यून से जुड़ी बीमारियां होती हैं, उनमें इसका खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है.

कैसे होता है इनकी पहचान?

इस बीमारी की पहचान करना भी आसान नहीं होता. कई बार इसके लक्षण अलग-अलग तरह के होते हैं, इसलिए डॉक्टरों को इसे पहचानने में समय लग जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार कई महिलाओं में सही निदान होने में औसतन 4 से 12 साल तक का समय लग सकता है. आमतौर पर लगातार पेल्विक दर्द, भारी ब्लीडिंग, पीरियड्स के दौरान तेज दर्द या गर्भधारण में दिक्कत जैसे संकेत इसके लक्षण हो सकते हैं. जांच के लिए अल्ट्रासाउंड, एमआरआई जैसे इमेजिंग टेस्ट किए जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में लैप्रोस्कोपी सर्जरी के जरिए भी इसकी पुष्टि की जाती है. फिलहाल एंडोमेट्रियोसिस का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को दवाओं या सर्जरी के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है.

इससे बचाव क्या हो सकता है?

अगर एंडोमेट्रियोसिस के कारण गर्भधारण में परेशानी आती है, तो डॉक्टर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की सलाह दे सकते हैं. इसमें ओव्यूलेशन इंडक्शन, इंट्रायूटेरिन इंसैमिनेशन या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसे विकल्प शामिल होते हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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