सुख और दुख कर्माें पर निर्भर : प्रतीक सागर Latest Haryana News

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संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल

Updated Fri, 13 Mar 2026 12:24 AM IST


कथा में प्रवचन करते प्रतीक सागर महाराज। स्वयं



करनाल। श्री दिगंबर जैन मंदिर मिट्ठन मोहल्ला में भगवान श्री 1008 आदिनाथ जी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव चल रहा है। मुनि प्रतीक सागर महाराज करनाल में पहली बार संगीतमय ऋषभ कथा करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख और दुख स्वयं के किए गए कर्मों के फलस्वरूप ही प्राप्त होते हैं, इसलिए हमें सुख में अभिमान और दुख में शोक नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान ऋषभदेव का वर्णन केवल जैन धर्म ही नहीं, बल्कि हिंदू धर्म के अनेक ग्रंथों में भी मिलता है। शिवपुराण में भी उल्लेख है कि भगवान आदिनाथ की भक्ति से 84 लाख तीर्थों की यात्रा का फल प्राप्त होता है। अयोध्या नगरी में जन्मे भगवान ऋषभदेव का जन्म कल्याणक चैत्र वदी नवमी को मनाया जाता है। वहीं, जैन गर्ल्स स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संवाद

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सुख और दुख कर्माें पर निर्भर : प्रतीक सागर