[ad_1]
कुरुक्षेत्र। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी नए आदेश की निंदा की है। इसके तहत शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) लेने के लिए अब उपायुक्त से भी मंजूरी लेनी होगी। संघ ने इस आदेश को महिला विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने कहा कि शिक्षा विभाग के स्कूलों में कार्यरत शैक्षिक और गैर-शैक्षिक महिला कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए चाइल्ड केयर लीव लेना पहले से ही जटिल प्रक्रिया थी, जिसे अब और अधिक कठिन बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि महिला कर्मियों को सीसीएल लेने के लिए पहले ही स्कूल, बीईओ, डीईईओ, डीईओ और निदेशालय के चक्कर काटने पड़ते थे। अब नए आदेश के बाद उन्हें डीसी कार्यालय में भी जाकर गुहार लगानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि नए आदेश के अनुसार विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों के सीसीएल मामलों को संबंधित डीसी से अनुमोदन के बाद ही डीईईओ और डीईओ के माध्यम से निदेशालय भेजा जाएगा। इससे साफ है कि अब महिला कर्मियों को डीसी कार्यालय के चक्कर भी काटने पड़ेंगे जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी व स्कूलों का कार्य भी प्रभावित होगा।
चाइल्ड केयर लीव किसी प्रकार की खैरात नहीं : अध्यापक संघ
संघ नेताओं ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव किसी प्रकार की खैरात नहीं है बल्कि कर्मचारियों के लंबे संघर्ष और संयुक्त आंदोलन का परिणाम है। ऐसे में इस प्रकार के आदेश महिला कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रहार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि इन तुगलकी फरमानों से महिला कर्मियों में गहरा रोष है। यदि समय रहते इन आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो सरकार को कर्मचारियों के तीखे आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
अध्यापक संघ ने रखी मांग
अध्यापक संघ ने मांग रखी है कि शक्तियों का विकेंद्रीकरण करते हुए आहरण व वितरण अधिकारियों को चाइल्ड केयर लीव, एसीपी, मकान निर्माण ऋण और अन्य ऋणों को स्वीकृत करने की अनुमति दी जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके और उन्हें डीईओ, डीईईओ और निदेशालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
[ad_2]
Kurukshetra News: महिला कर्मियों को अब डीसी से लेनी होगी सीसीएल मंजूरी, संघ ने उठाए सवाल




