Jind News: 16 से होगी बालवाटिका तीसरी से 5वीं तक की वार्षिक परीक्षा haryanacircle.com

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जींद। शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2025-26 के लिए बालवाटिका-III से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

पत्र के अनुसार वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से 25 मार्च के बीच आयोजित की जाएंगी। इसके लिए अपडेटेड समय-सारणी भी जारी कर दी गई है जिसे प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, डायट प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। जारी निर्देशों के अनुसार बालवाटिका-III से कक्षा तीसरी तक की परीक्षाएं निपुण दक्षताओं के आधार पर आयोजित की जाएंगी।

वहीं कक्षा चौथी और पांचवीं की परीक्षा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद एससीईआरटी द्वारा तैयार किए गए प्रश्न पत्रों के आधार पर होगी। विभाग का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उनकी सीखने की क्षमता का सही आकलन करना है। समय-सारणी के अनुसार परीक्षा 16 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगी।

इस दौरान विद्यार्थियों के विभिन्न विषयों जैसे हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन ईवीएस की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। छोटी कक्षाओं के लिए लिखित के साथ-साथ मौखिक मूल्यांकन भी किया जाएगा ताकि बच्चों की समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का सही तरीके से आकलन किया जा सके।

विभाग की ओर से विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए सैंपल प्रश्न पत्र भी जारी किए गए हैं। ये सैंपल पेपर एक ऑनलाइन लिंक के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा ये प्रश्न पत्र निपुण टीचर एप के कंटेंट रिपॉजिटरी और एससीईआरटी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन सैंपल पेपरों का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा की तैयारी करवाएं।

वहीं दिसंबर में कराए गए ग्रुपिंग एक्सरसाइज-दो के परिणामों के आधार पर यह पाया गया कि कुछ विद्यार्थियों को अभी भी कई दक्षताओं को समझने में कठिनाई हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से उपचारात्मक शिक्षण सामग्री (रिमेडियल हैंडआउट) भी उपलब्ध कराई गई है। शिक्षकों से अपील की गई है कि वे इन संसाधनों का उपयोग करते हुए कमजोर विद्यार्थियों को विशेष रूप से तैयार करें ताकि वे वार्षिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

जिला शिक्षा अधिकारी रितु पंघाल का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उन्हें आगामी कक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।

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