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24 घंटे आठ महिला पुलिसकर्मियों की टीमें रहेंगी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द उनकी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया से हटाने के लिए पुलिस ने शुक्रवार को विशेष सेल डिजिटल सहेली की स्थापना की है। इस सेल में 24 घंटे आठ महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी।
पीड़ित महिला घर बैठे ही व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचा सकेंगी। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने रीत फाउंडेशन के सहयोग से महिला थाना सेक्टर-51 में स्थापना की है। यह सेल एंटी-डीपफेक और सेक्सटॉर्शन रैपिड रिस्पांस यूनिट के रूप में कार्य करेगी। इससे डीपफेक दुरुपयोग, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल माध्यमों से होने वाली विभिन्न प्रकार की यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं को तुरंत सहायता दे सकेंगी। यदि किसी महिला की फोटो-वीडियो को आपत्तिजनक रूप में एडिट और मॉर्फ करके सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है तो पीड़िता मोबाइल नंबर 9999981002 पर संपर्क कर या साइबर क्राइम शिकायत के माध्यम से इस सेल तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगी। इसके साथ ही गुरुग्राम पुलिस के चेट बोट नंबर 95999 64777 के माध्यम से भी मदद ले सकती हैं।
डिजिटल सहेली प्लेटफॉर्म सुरक्षित, गोपनीय और जवाबदेह डिजिटल रिपोर्टिंग सुविधा उपलब्ध कराता है। जहां पीड़ित महिला को कानूनी सहायता के साथ-साथ काउंसलिंग, मानसिक देखभाल और भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास व सम्मान के साथ पुनः सामान्य जीवन जी सकें। पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि आप अकेली नहीं हैं मदद, सुरक्षा और न्याय यहीं से शुरू होते हैं।
वर्जन
महिलाओं की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता। उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल सहेली सेल 24 घंटे उनकी सहायता के लिए मौजूद रहेंगी। किसी को भी कोई भी परेशानी आए तो वह तुरंत ही पुलिस को इसकी सूचना दें। – विकास कुमार अरोड़ा, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम
महिला थाना में एसएचएनर्जी हब का किया उद्घाटन
गुरुग्राम। महिला थाना सेक्टर-51 में अब महिला पुलिसकर्मियों के साथ ही आगंतुक महिलाओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में थाने में शुक्रवार को एसएचएनर्जी हब की स्थापना की गई। शुक्रवार को पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने इसका उद्घाटन किया। इस पहल में गीली मिट्टी फाउंडेशन और कान्सेंट्रिक्स का विशेष सहयोग रहा। इस परियोजना के तहत थाने परिसर के सभी शौचालओं को आधुनिक रूप से रेट्रोफिट किया गया है। इसके साथ ही पूरे जल पाइपलाइन नेटवर्क को बदला गया और भवन की छत की वाटरप्रूफिंग करवाई गई है, जिससे स्वच्छता और सुविधाओं में सुधार होगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर में रेन गार्डन बनाया गया है और पहले से स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई व सुधार किया गया है। संवाद
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अब सुरक्षा होगी स्मार्ट: महिलाओं के लिए आई ‘डिजिटल सहेली’


