Sirsa News: सुबह से दोपहर तक नहीं सिरसा के लिए ट्रेन नहीं, छह साल से यात्री परेशान Latest Haryana News

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– इस रूट पर बस सुविधा भी नहीं है बेहतर, समय व धन दोनों हो रहे ज्यादा खर्च

– सुबह 5:45 बजे के बाद दोपहर 1:44 बजे है ट्रेन

फोटो- 33 से 37

कालांवाली। रेल सुविधा के सरकार के दावे कालांवाली में रेलगाड़ियों के हालात को देखकर खोखले साबित होते हैं। बठिंडा से कालांवाली होकर सिरसा की कुल दूरी 90 किलोमीटर है। सुबह 5:45 बजे के बाद आठ घंटे तक कोई रेल सेवा यात्रियों के लिए नहीं है। छह साल से इस रेल सेवा के लिए शहरवासी मांग उठा रहे हैं। आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे बठिंडा, रामा, कालांवाली से लेकर सिरसा तक के हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

वहीं, कालांवाली से बसों के माध्यम से आधे घंटे का सफर डेढ़ घंटे लगता है। इसी परेशानी को लेकर शहरवासी 6 साल से संघर्ष कर रहे हैं। वे रेलवे उच्चाधिकारियों के अलावा विधायक, सांसद और केंद्रीय रेल मंत्री को मिलकर 50 से अधिक बार मांगपत्र सौंप चुके हैं। इसके बावजूद रेल यात्रियों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

कोट्स

कोरोना काल से पहले किसान एक्सप्रेस का समय कालांवाली से सुबह 7 बजकर 40 मिनट था। जोकि हर रेल यात्री, विद्यार्थियों और दैनिक रेल यात्रियों के लिए बेहतर समय था। यात्रियों की भीड़ के कारण रेलवे स्टेशन पर खड़े होने के लिए जगह नहीं होती थी। अब दिल्ली एक्सप्रेस सुबह 5 बजकर 38 मिनट से और दूसरी किसान एक्सप्रेस 5 बजकर 45 मिनट पर सिरसा व हिसार की तरफ रवाना होती है। इसके बाद दोपहर 1 बजकर 44 मिनट तक कोई ट्रेन नहीं है। ऐसे में हर वर्ग दुखी व परेशान है।

– विक्की बांसल, दैनिक यात्री, कालांवाली।

सरकार भले ही बुलेट ट्रेन जैसी स्पीड वाली ट्रेनें चलाने की बात कह रही है। लेकिन हमें बठिंडा से सिरसा रूट के लिए सुबह एक पैसेंजर ट्रेन ही शुरू हो जाए तो हजारों रेल यात्रियों को काफी फायदा होगा। क्योंकि सुबह का समय विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और आम यात्रियों के लिए बेहतर समय है। इससे रेल विभाग के राजस्व में भी काफी वृद्धि होगी।

– राजेंद्र वर्मा, दैनिक यात्री कालांवाली ।

कालांवाली से सिरसा जाने के लिए रेल से बेहतर कोई सुविधा नहीं है। रेल से सफर करने में मात्र 30-35 मिनट लगते हैं और खर्च भी 10 रुपये से 35 रुपये तक आता है। बस से कालांवाली से सिरसा जाने में 1 घंटे से दो घंटे लगते हैं। टिकट खर्च भी 50 से 60 रुपये लगता है। यदि मासिक किराये की बात करें तो रेल का तीन माह का किराया मात्र 500 रुपये लगता है। जबकि बस या अन्य साधन पर पुल करके जाने में दैनिक यात्रियों के 5 हजार से 15 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इस कारण 10 से 20 हजार रुपये में कालांवाली से सिरसा जाकर प्राइवेट नौकरी करने वाले यात्री काम अपना छोड़ चुके हैं।

– संदीप सिंह, दैनिक यात्री, कालांवाली ।

बठिंडा-फिरोजपुर ट्रेन सुबह करीब 8 बजे बठिंडा आ जाती है। करीब 4-5 घंटे खड़ी रहती है। यदि उस ट्रेन को सिरसा तक कर दिया जाए या फिर बठिंडा से हिसार के लिए ईमयू ट्रेन चलाई जाए। तब भी बठिंडा से हिसार तक के हजारों यात्रियों को फायदा होगा। लेकिन रेलवे उच्चाधिकारियों के अलावा विधायक, सांसद और केंद्रीय रेल मंत्री को मिलने पर भी कोई फायदा नहीं हो रहा।

– नरेश माहेश्वरी, प्रधान, रेलवे संघर्ष समिति कालांवाली।

कालांवाली से सिरसा वाया ओढां के लिए बस चलाने के लिए सौंपा ज्ञापन

फोटो- 47

संवाद न्यूज एजेंसी

कालांवाली। भाजपा के मंडल अध्यक्ष लवली गर्ग ने बुधवार शाम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर उन्हें मांगपत्र सौंपा। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांगपत्र में उनकी प्रमुख मांग कालांवाली से सिरसा वाया ओढां के लिए सीधी बस चलाने के लिए र्है।

लवली ने कहा कि सुबह सिरसा वाया ओढां जाने के लिए कोई भी बस सुविधा नहीं है। इस कारण दैनिक यात्रियों व विद्यार्थियों को सिरसा जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, कालांवाली से सिरसा बस जाती है। वह गांवों से होकर जाती है, जिसमें समय बहुत ज्यादा लगता है। जबकि उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को समय पर कॉलेज पहुंचना होता है। उन्होंने मांग की कि सुबह के समय कालांवाली से सिरसा वाया ओढां के लिए पर्याप्त बस सुविधा शुरू की जाए ताकि विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

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