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जींद। प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट हरियाणा को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है।
उन्होंने कहा कि बजट पिछले वर्ष की तुलना में 10.28 प्रतिशत अधिक है जो सरकार की बढ़ती विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मंगलवार को विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से शुरू की गई जन-सुझाव परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान सरकार ने इस बार 13 बैठकों के माध्यम से 2,199 सुझाव और एआई चैटबॉट से 12400 सुझाव प्राप्त हुए। इनसे से 5000 सुझावों को बजट में शामिल किया गया है। यह लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासन का उदाहरण है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश की जीडीपी तीन गुना होकर 4.37 लाख करोड़ से बढ़कर 13.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रति व्यक्ति आय भी लगभग तीन गुना होकर 3.95 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है।
राजस्व घाटा और प्रभावी राजस्व घाटा दोनों में कमी आई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार वित्तीय अनुशासन और कुशल प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय करों में हरियाणा का हिस्सा 1.361 प्रतिशत होगा, जो पिछले चक्र की तुलना में 24.52 प्रतिशत अधिक है। यह डबल इंजन सरकार की सफलता का प्रमाण है।
शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र के प्रावधानों को ऐतिहासिक बताया। 250 विद्यालयों को सीएम एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। 250 स्कूलों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित होंगी। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने का संकल्प है।
निजी स्कूलों में वर्दी व किताबें बेचने पर होगी कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में किताबें व वर्दी बेचकर दुकानदारी चला रहे स्कूल संचालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बीते वर्ष भी कई स्कूलों पर कार्रवाई की गई थी। इस वर्ष भी इस तरह के स्कूलों की जांच कर यह दुकानदारी बंद करवाई जाएगी। वहीं किशनपुरा स्कूल में अध्यापकों के विवाद को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री से शिकायत की थी। इसको लेकर शिक्षा मंत्री ने विवादित अध्यापकों पर कार्रवाई करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दी है। हालांकि इस स्कूल में अध्यापकों के दो गुट बने हुए हैं। इस कारण आए दिन विवाद होता रहता है।
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