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होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है। यह रिश्तों को रिचार्ज करने, दिमाग को सक्रिय रखने और मन को हल्का करने का अवसर है। मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस के शोध बताते हैं कि जब हम परिवार और दोस्तों के साथ मिलते हैं, हंसते हैं और सकारात्मक अनुभव साझा करते हैं, तो मस्तिष्क में डोपामाइन, सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन सक्रिय होते हैं। नियमित सामाजिक जुड़ाव व मानसिक सक्रियता बुजुर्गों में सोचने, याद रखने व तर्क करने की क्षमता में मदद कर सकती है। यानी होली जैसे त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे होते हैं। इस होली पर जानिए कौन-से 4 काम करें, जिससे खुशियां बढ़ें और सेहत सुरक्षित रहे। 1- अनुभव बांटें: पोता-पोतियों को बताएं तब कैसे बनते थे रंग
पोते-पोतियों को बताएं कि आपके समय में टेसू या पलाश के फूलों से रंग कैसे बनते थे। घर की पारंपरिक ठंडाई या पकवान की विधि साझा करें और पुरानी यादें सुनाएं।
फायदा: मनोविज्ञान कहता है- नई पीढ़ी के साथ अनुभव साझा करने से मानसिक संतोष बढ़ता है। बुजुर्गों को अपनी भूमिका सार्थक महसूस होती है। अकेलेपन में कमी आती है। 2- सूखी होली खेलें: गुलाल से तिलक लगाएं, भीड़भाड़ से बचें
केमिकल वाले रंग व पानी से बचें। सूखा, हर्बल गुलाल ही लगाएं और गले मिलें। भीड़भाड़ से बचें। बीपी, हार्ट डिसीज की समस्या है तो लंबे समय तक खड़े नहीं रहें।
फायदा: सामाजिक स्पर्श- गले मिलने, हाथ थामने से ऑक्सीटोसिन रिलीज होता व तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) कम होता है। इससे मन शांत रहता है और रिश्तों में निखार आता है। 3- खाने में संतुलन रखें: मीठा सीमित, घर की बनी ठंडाई पिएं
गुजिया और मिठाई का स्वाद लें, लेकिन मात्रा नियंत्रित रखें। दिनभर मीठा और तला हुआ खाने से बचें। सादा पानी, नारियल पानी या कम-चीनी वाली घर की ठंडाई लें।
फायदा: संतुलित खान-पान उत्सव का आनंद देता है। इससे आपका बीपी और शुगर कंट्रोल में रहेगा। वहीं पर्याप्त पानी, घर की बनी ठंडाई शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाएगी। 4- पुरानी तस्वीरें देखें, परिवार के साथ यादों को दोहराएं
होली खेलने के दौरान अपनी नई तस्वीरें खिंचवाएं। साथ ही अपने पुराने एलबम को निकालकर परिवार के साथ में बैठें और उन तस्वीरों से जुड़े किस्से उन्हें सुनाएं।
फायदा: सकारात्मक यादों को दोहराने से मस्तिष्क के वे हिस्से सक्रिय होते हैं जो स्मृति और भावनात्मक संतुलन से जुड़े हैं। इससे मूड बेहतर व मानसिक सक्रियता बनी रहती है। अब वे जरूरी बातें, जो होली खेलने के दौरान आपकी सुरक्षा करेंगी कान बचाएं: हल्के रुई के फाहे लगाएं, ताकि रंग कान के पर्दे तक न पहुंचें। हियरिंग एड लगाते हैं तो उसे निकालकर रख दें। नमी और बारीक कण उसे खराब कर सकते हैं। तेल लगाएं: रंग खेलने से 15 मिनट पहले बॉडी पर सरसों या नारियल का तेल लगा लें। यह त्वचा पर एक सुरक्षा परत बना देता है। चश्मा लगाएं: धूप का चश्मा पहनें। यह न केवल यूवी किरणों से बचाता है, बल्कि सूखा गुलाल सीधे आंखों में जाने से भी रोकता है, जिससे आपकी आंखें सुरक्षित रहेंगी।
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होली से रिश्तों को करें रिचार्ज: होली पर करें ये 4 काम, खुशी के साथ रिश्तों के रंग निखरेंगे; शोध बताते हैं- सकारात्मक यादें मस्तिष्क को सक्रिय रखती हैं




