एबेल ने लिखा – बफे की विरासत संभालना सबसे कठिन: निवेशक बफे के उत्तराधिकारी और बर्कशायर के सीईओ का पहला रिजल्ट; कमाई 29% घटी Business News & Hub


निवेश की दुनिया के ‘ओरेकल’ वॉरेन बफे की कुर्सी संभालना कांटों भरे ताज से कम नहीं है। बर्कशायर हैथवे की चौथी तिमाही के नतीजे निराशाजनक रहे। ऑपरेटिंग अर्निंग्स 14.56 अरब डॉलर से गिरकर 10.2 अरब डॉलर पर आ गई। यानी करीब 29% की गिरावट। इंश्योरेंस कारोबार सबसे बड़ा दर्द बना। अंडरराइटिंग प्रॉफिट 54% गिरकर 1.56 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 3.41 अरब डॉलर था। इंश्योरेंस इन्वेस्टमेंट इनकम भी 25% घटकर 3.1 अरब डॉलर पर आ गई। पूरे साल 2025 की बात करें तो ऑपरेटिंग अर्निंग्स 47.44 अरब डॉलर से घटकर 44.49 अरब डॉलर रही। कुल मिलाकर, यह बफे के आखिरी दौर में कमजोर पड़ती कमाई की तस्वीर है और नए सीईओ ग्रेग एबेल को यही विरासत मिली है। निवेशकों को लिखे अपने पहले पत्र में एबेल ने कहा कि बफे की विरासत संभालना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है। पहला इम्तिहान – नए सीईओ ने एपल जैसे बड़े निवेश में बने रहने के संकेत दिए नतीजों के साथ जारी वार्षिक शेयरधारक पत्र में सीईओ एबेल ने कई अहम सवालों के जवाब दिए, जो निवेशकों के मन में बफे की विदाई के बाद से घर कर गए थे। पहला- नकदी का पहाड़, क्या बेकार पड़ा रहेगा? एबेल ने इसे ड्राई पाउडर कहा। यानी वह पूंजी जो सही मौका आने पर लगाई जाएगी। स्पष्ट किया कि बर्कशायर ट्रेजरी बॉन्ड पकड़े रहने से ज्यादा उत्पादक कारोबार में निवेश को तरजीह देता है। दूसरा- डिविडेंड मिलेगा या नहीं? जवाब साफ था: नहीं। जब तक एक डॉलर रोककर उससे एक से ज्यादा का मूल्य बनाया जा सकता है, डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। तीसरा- क्या कंपनी का शेयर बायबैक का इरादा है? एबेल ने कहा कि बायबैक तभी होगा जब शेयर अपनी वास्तविक कीमत से नीचे ट्रेड करें और कंपनी में नकदी की स्थिति प्रभावित न हो। चौथा – शेयर पोर्टफोलियो कौन देखेगा? एबेल ने यह जिम्मेदारी खुद अपने ऊपर ली। पांचवा – एपल और बड़े निवेश का क्या? एबेल ने संकेत दिया कि एपल, अमेरिकन एक्सप्रेस, कोका-कोला और मूडीज जैसे बड़े निवेशों में ‘सीमित गतिविधि’ रहेगी। एपल के बारे में उनका आकलन था कि यह ‘दशकों तक कम्पाउंडेड ग्रोथ’ देगा। यह अहम है क्योंकि बफे ने हाल के वर्षों में एपल में हिस्सेदारी कम की थी। छठा – नई शक्ति: जापानी कंपनियों में दोगुना मुनाफा एबेल ने बताया कि पांच जापानी ट्रेडिंग हाउसेज में बर्कशायर का निवेश कागज पर दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। यह बफेट की उस रणनीति की जीत है जो एबेल को विरासत में मिली और जिसे वे आगे बढ़ाने का इरादा रखते हैं। एक्सपर्ट व्यू – एबेल ने पत्र से दिल जीता, लेकिन जो कहा, उसे करके दिखाना होगा वैश्विक फर्म सीएफआरए रिसर्च की विश्लेषक कैथी सेफर्ट ने पत्र को ए ग्रेड दिया। उनके अनुसार एबेल ने वह किया जो जरूरी था। यह संदेश दिया कि बर्कशायर वही रहेगी जो बफेट ने बनाई। ग्लेनव्यू ट्रस्ट के सीआईओ बिल स्टोन ने इसे असाधारण बताया। गेबेली ईटीएफ के मैक्रे साइक्स ने तो “गोल्ड मेडल” तक दे दिया। लेकिन सेफर्ट की चेतावनी भी उतनी ही अहम है। वो यह है, “कहना और करना अलग होता है।” बफेट की विरासत नंबर में हैं। 1965 से अब तक 19.7% सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न, जो एसएंडपी 500 के करीब दोगुना है। कुल रिटर्न 60 लाख फीसदी से भी पार। एबेल ने पहला इम्तिहान संवाद का पास कर लिया है। लेकिन असली चुनौती यह है कि 370 अरब डॉलर की नकदी को सही जगह लगाएं, इंश्योरेंस बिजनेस को पटरी पर लाएं और 2025 की गिरती कमाई का सिलसिला तोड़ें।


Source: https://www.bhaskar.com/g/business/news/abel-wrote-buffetts-legacy-is-the-most-difficult-to-maintain-dbp-137337463.html