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नरवाना। प्रदेश सरकार ने सुनियोजित और आधुनिक शहरी विकास को गति देने के लिए ई-भूमि पोर्टल से बड़े स्तर पर भूमि खरीद अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत अकेले नरवाना क्षेत्र में 2171 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। नरवाना के साथ जींद शहर और उचाना में सेक्टर स्थापित होंगे जिससे लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह योजना हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के जरिए लागू की जा रही है। सरकार ने इच्छुक भू-स्वामियों से 30 अप्रैल तक ई-भूमि पोर्टल पर जमीन का विवरण और सहमति दर्ज कराने की अपील की है।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की जा रही है ताकि बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो और जमीन का अधिग्रहण सरल बने। जारी सूची के अनुसार गुरुग्राम, पंचकूला-कालका, फतेहाबाद, जींद, करनाल, रोहतक, अंबाला, नारनौल, भिवानी, फरीदाबाद, होडल, हिसार, नरवाना और समालखा सहित कई शहरों में भूमि चिह्नित की गई है।
गुरुग्राम में लगभग 17,358 एकड़ भूमि प्रस्तावित है जबकि फरीदाबाद में करीब 4,500 एकड़, पंचकूला-कालका में 3,914 एकड़ और अंबाला में लगभग 3,668 एकड़ भूमि खरीद की योजना है। वहीं जींद शहर में करीब 18 साल पहले सेक्टर छह, सात, आठ और नौ विकसित किए गए थे। इसके बाद लंबे समय तक नया सेक्टर नहीं बना। अब एचएसवीपी की पहल से लोगों को योजनाबद्ध तरीके से प्लॉट उपलब्ध होने की उम्मीद है।
जिले के लोगों के लिए भी यह बड़ी सौगात मानी जा रही है। जींद शहर, नरवाना और उचाना में नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। नरवाना के साथ लगते डूमरखा कलां और मोहलखेड़ा क्षेत्र में करीब 2171 एकड़ भूमि खरीदने की योजना पर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। यहां भू-स्वामियों से ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
फिलहाल नरवाना में एचएसवीपी का केवल एक ही मार्केट क्षेत्र है जबकि शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए सेक्टर बनने से आवासीय और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। उचाना में भी आसपास के गांवों की जमीन शामिल कर शहरी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। इससे नगर परिषद की सीमा बढ़ने की संभावना है और भविष्य में इन क्षेत्रों में सड़क, पानी, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का बेहतर प्रबंध हो सकेगा।
इंसेट
स्थानीय लोगों को क्या मिलेगा फायदा
शहरों में नई आवासीय कॉलोनियां विकसित होंगी जिससे घर खरीदने के अधिक विकल्प मिलेंगे।
.सड़क, पानी, सीव और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा।
.वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास से व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
.संस्थागत क्षेत्र बनने से स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी।
.जमीन बेचने वाले भू-स्वामियों को पारदर्शी और सीधे भुगतान की सुविधा मिलेगी।
भूमि खरीद की योजना से आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। जींद शहर, नरवाना और उचाना में नए सेक्टर विकसित होने से स्थानीय लोगों को आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं मिलेंगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है जिससे भू-स्वामियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह योजना रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी।–कृष्ण कुमार बेदी, कैबिनेट मंत्री हरियाणा सरकार
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