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कुरुक्षेत्र। स्वावलंबी भारत अभियान व भारतरत्न श्री गुलजारीलाल नंदा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फूलों से तिरंगा हर्बल गुलाल तैयार करने की अभिनव पहल की गई।
13 फरवरी से आयोजित विशेष कार्यशाला में गीता स्वावलंबी स्वयं सहायता समूह और दयानंद महिला महाविद्यालय की 82 छात्राओं ने सहभागिता करते हुए प्राकृतिक फूलों से हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला का उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल व सुरक्षित होली को बढ़ावा देने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना रहा।
कार्यशाला के बाद केंद्र परिसर में हर्बल गुलाल का आकर्षक स्टॉल लगाया गया जिसे विद्यार्थियों और आगंतुकों ने खूब सराहा। पुस्तकालय में अध्ययन के लिए आए छात्र-छात्राओं ने भी स्टॉल का अवलोकन किया और प्राकृतिक रंगों के इस नवाचार में विशेष रुचि दिखाई। उपस्थित युवाओं ने सुरक्षित और पारंपरिक रंगों के साथ होली के उत्साह का अनुभव किया।
केंद्र की निदेशक डॉ. शुचिस्मिता ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद छात्राएं घर पर ही हर्बल गुलाल तैयार कर सकेंगी। इससे रसायनयुक्त रंगों के दुष्प्रभावों से बचाव संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रंगों के उपयोग से अधिक लोग निश्चित होकर त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकेंगे। ताराचंद ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्राकृतिक संसाधनों से बने हर्बल रंग स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होने के साथ वोकल फॉर लोकल की भावना को भी सशक्त करते हैं। इस मौके पर डॉ. कुलदीप आर्य, प्रदीप सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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Kurukshetra News: फूलों से तैयार किया गया तिरंगा हर्बल गुलाल, स्वावलंबन की दिशा में अनूठी पहल



