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भारत में दही लगभग हर घर की थाली का हिस्सा है. कोई इसे खाने के साथ लेता है, कोई रायता बनाकर तो कोई मीठा दही पसंद करता है. गर्मियों में दही को ठंडक देने वाला माना जाता है, तो वहीं सर्दियों में कुछ लोग इसे खाने से बचते हैं. इसी तरह दही को लेकर कई तरह की धारणाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं, जैसे दही खाने से सर्दी हो जाती है, रात में दही नहीं खाना चाहिए या फिर यह पेट के लिए भारी होता है.
इन सभी सवालों और भ्रमों पर अमेरिका के बोर्ड-प्रमाणित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट Dr. Palaniappan Manickam ने 27 फरवरी को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने दही के फायदे, सही मात्रा, सही समय और इससे जुड़ी आम गलतफहमियों पर सरल शब्दों में सच बताया तो आइए दही से जुड़े 13 बड़े सवालों के आसान जवाब जानते हैं.
दही से जुड़ी 13 बड़ी गलतफहमियां
1. क्या दही सच में सेहत के लिए अच्छा है – दही सेहत के लिए फायदेमंद है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) होते हैं. ये बैक्टीरिया हमारी आंत को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं. नियमित और सही मात्रा में दही खाने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं.
2. क्या दही पाचन सुधारता है – अधिकतर लोगों के लिए दही पाचन में मदद करता है. इसमें मौजूद जीवित कल्चर आंत में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं. इससे गैस, कब्ज या अपच जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं.
3. क्या दही खाने से खांसी और जुकाम होता है – यह एक आम धारणा है कि दही से सर्दी-खांसी होती है, लेकिन यह हर किसी के लिए सही नहीं है. ज्यादातर लोगों को दही खाने से सर्दी नहीं होती, अगर कोई व्यक्ति ठंडी चीजों के प्रति संवेदनशील है या पहले से जुकाम से परेशान है, तो उसे थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है.
4. क्या रात में दही खाना ठीक है – अगर किसी को दही रात में खाने से कोई दिक्कत नहीं होती, तो वह इसे खा सकता है. हालांकि, डॉक्टर की सलाह है कि रात का खाना बहुत देर से न खाएं. बेहतर है कि शाम 7 बजे के आसपास भोजन कर लिया जाए.
5. क्या दही दूध से बेहतर है – कई लोगों के लिए दही, दूध से ज्यादा आसानी से पच जाता है. दही में मौजूद बैक्टीरिया दूध के लैक्टोज को तोड़ने में मदद करते हैं, जिससे यह पेट पर हल्का पड़ता है. इसलिए पाचन के लिहाज से दही को दूध से बेहतर माना जा सकता है.
6. क्या दही से एसिडिटी होती है – सामान्य रूप से दही एसिडिटी को कम करने में मदद करता है. यह पेट को ठंडक देता है, लेकिन अगर दही बहुत ज्यादा खट्टा हो, तो कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ सकती है. इसलिए ताजा और हल्का दही खाना बेहतर है.
7. घर का दही बेहतर या पैकेट वाला – घर का बना दही आमतौर पर ज्यादा ताजा और कम मिलावट वाला होता है. इसमें अच्छे बैक्टीरिया ज्यादा एक्टिव रहते हैं. पैकेट वाला दही भी ठीक होता है, लेकिन घर का ताजा दही अक्सर ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
8. रोज कितना दही खाना चाहिए – एक सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग एक कप दही पर्याप्त है. ज्यादा मात्रा की जरूरत नहीं होती. संतुलित मात्रा में ही इसका लाभ मिलता है.
9. क्या डायबिटीज के मरीज दही खा सकते हैं – डायबिटीज के मरीज सादा, बिना चीनी वाला दही खा सकते हैं. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ती, लेकिन मीठा या फ्लेवर्ड दही लेने से बचना चाहिए.
10. क्या दही से पेट फूलता है – ज्यादातर लोगों को दही से पेट नहीं फूलता, लेकिन जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, उन्हें थोड़ी गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है.
11. क्या रोज दही खाना ठीक है – अगर आपका शरीर डेयरी उत्पादों को आसानी से पचा लेता है, तो रोज दही खाना सुरक्षित है. यह आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है.
12. दही खाने का सबसे अच्छा समय क्या है – दोपहर के खाने के साथ दही खाना सबसे अच्छा माना जाता है. यह खाने के साथ आसानी से पचता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.
13. क्या मछली या मांस के साथ दही खा सकते हैं – दही को मछली, चिकन या मटन जैसे प्रोटीन वाले भोजन के साथ खाया जा सकता है. इसे लेकर जो डर या भ्रम है, उसका कोई पक्का वैज्ञानिक आधार नहीं है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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दही से जुड़ी 13 बड़ी गलतफहमियां, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया सच




