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आठ साल पुराने मानहानि मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रधान सुखबीर बादल की आज शुक्रवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में पेशी थी, लेकिन सुखबीर बादल कोर्ट में पेश नहीं हुए। सुखबीर बादल के वकील राजेश कुमार रॉय की तरफ से अदालत में पेशी में छूट की मांग को लेकर एप्लीकेशन लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। एडवोकेट राजेश कुमार रॉय ने अदालत को बताया कि सुखबीर बादल पार्टी के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली में आयोजित पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने गए हैं। इसलिए वह आज कोर्ट में पेश नहीं हो सकते।
बता दें कि इससे पहले इसी मामले में 16 फरवरी को सुनवाई हुई थी, लेकिन उस दिन भी सुखबीर बादल कोर्ट में पेश नहीं हो पाए थे। उस दिन इस बात का हवाला दिया गया था कि सुखबीर बादल बठिंडा में पार्टी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।
इससे पहले दो फरवरी को सुखबीर बादल जिला अदालत में पेश हुए थे। वहीं इससे पहले 17 जनवरी को बादल इसी मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती अरेस्ट वारंट जारी किए थे। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की अदालत में सरेंडर किया। कोर्ट में 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरकर उन्हें जमानत मिल गई।
सुखबीर बादल के खिलाफ यह मामला 2017 में धार्मिक संगठन के प्रवक्ता ने दायर किया था। इसी मामले में दो महीने पहले बादल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे और अदालत ने उनकी जमानत भी रद्द कर दी थी। फिर पिछले महीने उन्होंने कोर्ट में पहुंच कर सरेंडर किया था। वर्ष 2017 में बादल के खिलाफ धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने मानहानि का केस दायर किया था। उन्होंने जत्थे के खिलाफ मीडिया में विवादित बयान दिया था।
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चंडीगढ़ कोर्ट में पेश नहीं हुए सुखबीर बादल: मानहानि केस में पेशी में मिली छूट; दिल्ली में बैठक का दिया हवाला


