चंडीगढ़ पुलिस का 7 बैंकों पर 1.83 करोड़ बकाया: 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, कई गड़बड़ियां सामने आईं,आउटसोर्सिंग में नियमों की अनदेखी – Chandigarh News Chandigarh News Updates

[ad_1]


चंडीगढ़ पुलिस की साल 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में पैसों के खर्च और हिसाब-किताब में कई कमियां मिली हैं। एक तो पुलिस द्वारा प्रोवाइड की कई सेक्योरिटी और दूसरे मदों में बैंकों और अन्य संस्थाओं द्वारा वसूली नहीं हो पाई है। वहीं कई भुगतान समय पर न होने से पेनल्टी के रूप में बड़ी राशि का भुगतान करना पड़ा है। प्रिंसिपल डायरेक्टर ऑफ ऑडिट (केंद्रीय) की जांच में पता चला कि कई मामलों में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। ऑडिट में पाया गया कि चंडीगढ़ पुलिस का शहर के 7 बैंकों पर 1.83 करोड़ रुपये बकाया है। जिसकी वसूली नहीं कई है। ऑडिट के अनुसार ट्रांसपोर्ट अलाउंस, स्पेक्ट्रम फीस, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, सरकारी गाड़ियों के रखरखाव और स्टॉक रजिस्टर में लापरवाही बरती गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विभाग में पैसों की निगरानी की व्यवस्था मजबूत नहीं है। 46.49 लाख रुपये ज्यादा दिए गए जांच में पता चला कि 669 कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट अलाउंस दिया गया, जबकि वे पूरे महीने छुट्टी पर थे। नियम के अनुसार अगर कोई कर्मचारी पूरा महीना छुट्टी पर रहता है तो उसे यह भत्ता नहीं मिलता। इस मद में 46.49 लाख रुपये ज्यादा दे दिए गए। अब यह पैसा कर्मचारियों से वापस लिया जाना है। स्पेक्ट्रम की फीस समय पर जमा नहीं की इतना ही नहीं विभाग द्वारा स्पेक्ट्रम की फीस समय पर जमा नहीं की गई। Department of Telecommunications ने कुल 8.24 करोड़ रुपये की मांग की है। इसमें 7.09 करोड़ रुपये देरी से भुगतान का जुर्माना (लेट फीस) है। जांच में यह भी सामने आया कि विभाग ने 17 फ्रीक्वेंसी ली थीं, लेकिन उनमें से सिर्फ 15 का ही इस्तेमाल हो रहा था। आउटसोर्सिंग में नियमों की अनदेखी डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों के ठेकों में जरूरी 5% परफॉर्मेंस गारंटी नहीं ली गई। अगर नियम माने जाते तो 4.79 लाख रुपये बच सकते थे। ईपीएफ समय पर जमा नहीं होने से 4.45 लाख रुपये की पेनल्टी बनती थी। कुल मिलाकर 9.24 लाख रुपये का नुकसान माना गया। 2019 से 217 सरकारी गाड़ियों की औसत माइलेज तय नहीं की गई। इससे यह पता लगाना मुश्किल है कि ईंधन सही तरीके से खर्च हो रहा है या नहीं। स्टॉक रजिस्टर ठीक से अपडेट नहीं नियम के अनुसार हर साल सामान की जांच और रिकॉर्ड अपडेट करना जरूरी है, लेकिन कई जगह स्टॉक रजिस्टर पूरे नहीं मिले। कंप्यूटर सेक्शन में भी रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। कई बैंकों को सुरक्षा के लिए पुलिस गार्ड दिए गए, लेकिन उनसे पहले ही पैसा नहीं लिया गया। नियम के अनुसार पहले भुगतान लेना जरूरी होता है।
पुलिस को जल्द पैसे लेने चाहिए सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन के प्रधान आरके गर्ग ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर पूरा एक्शन और रिकवरी होनी चाहिए, जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और चंडीगढ़ पुलिस को अपने पैसे बैंकों से जल्द लेने चाहिए।

[ad_2]
चंडीगढ़ पुलिस का 7 बैंकों पर 1.83 करोड़ बकाया: 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, कई गड़बड़ियां सामने आईं,आउटसोर्सिंग में नियमों की अनदेखी – Chandigarh News