Jind News: समय के साथ बदल गया होली का स्वरूप haryanacircle.com

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पहले फाग खेलने का अंदाज बिल्कुल अलग होता था। गांव की चौपाल पर बुजुर्ग बैठते, महिलाएं समूह में फाग गातीं और युवा घर-घर जाकर रंग लगाते। उस समय रंगों से ज्यादा महत्व रिश्तों का होता था।

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