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Apple ने 2023 में लॉन्च हुए iPhone 15 Pro और Pro Max को टाइटैनियम मैटेरियल के साथ लॉन्च किया था. इसकी स्ट्रेंग्थ, हल्के वजन और प्रीमियम फील के कारण इसे एक बड़ा कदम माना गया था. हालांकि, दो साल बाद ही आईफोन 17 सीरीज की लॉन्चिंग के साथ कंपनी ने टाइटैनियम को एल्युमिनियम से बदल दिया. आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स को एल्युमिनियम फ्रेम के साथ बाजार में उतारा गया था. ऐसे में सिर्फ दो सालों में ही ऐसा क्या हो गया जो ऐप्पल को अपना फैसला बदलना पड़ा? आइए इस सवाल का जवाब जानते हैं.
ऐप्पल ने टाइटैनियम को क्यों चुना था?
ऐप्पल ने अपने प्रो मॉडल्स को अलग दिखाने के लिए टाइटैनियम को चुना था. यह स्टेनलेस स्टील का एक हल्का और मजबूत विकल्प था. इस कारण ऐप्पल आईफोन 15 प्रो का वजन 19 ग्राम कम कर पाई थी. साथ ही यह टाइटैनियम पर स्क्रैचेज और डेंट पड़ने का खतरा भी कम था. इसके अलावा इसे एयरोस्पेस और लग्जरी वॉचेज में भी यूज किया जाता है. यह भी इसे चुने जाने का एक कारण रहा था.
टाइटैनियम के साथ दिक्कत क्या हुई?
कई फायदों के साथ टाइटैनियम के साथ कई परेशानियां भी जुड़ी हुई हैं. इसकी कमजोर थर्मल कंडक्टिविटी के कारण गेमिंग, फास्ट चार्जिंग और दूसरे हैवी टास्क के दौरान आईफोन ओवरहीट होने लगे. A17 Pro जैसी पावरफुल चिप के चलते यह दिक्कत और बढ़ गई थी. इसके अलावा टाइटैनियम को लेकर प्रोडक्शन चैलेंज भी थे. इसके लिए स्पेशल टूल की जरूरत पडती थी और प्रोडक्शन स्पीड भी धीमी रहती थी. इस कारण कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग लागत भी बढ़ गई.
टाइटैनियम की जगह एल्युमिनियम कैसे बेहतर च्वॉइस है?
एल्युमिनियम में टाइटैनियम की तुलना में हीट को मैनेज करना आसान है. इसे आईफोन की थर्मल परफॉर्मेंस बेहतर हुई है, जिस कारण ऐप्पल इसमें बड़ी बैटरी दे पाई. साथ ही इसका प्रोडक्शन भी आसान है और लागत भी कम आती है. एल्युमिनियम के कार्बन फुटप्रिंट टाइटैनियम की तुलना में कम है, जिससे ऐप्पल को अपने एनवायरनेमेंट गोल पूरे करने में मदद मिलेगी. इन कई कारणों से ऐप्पल ने टाइटैनियम को छोड़कर एल्युमिनियम को चुना है.
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