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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से ठीक पहले सिख फेडरेशन ऑफ कनाडा के प्रमुख व खालिस्तान समर्थक मोनिंदर सिंह व उनके परिवार को पुलिस ने खतरे की चेतावनी जारी कर दी है। पुलिस ने उनकी जान खतरा बताया है। मोनिंदर सिंह ने दावा किया है कि वैंकुअर पुलिस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने उनके घर आकर बताया कि एक खुफिया सेल से उनकी जान को खतरे की सूचना मिली है। पहली बार उनके परिवार पत्नी और बच्चों को भी खतरा बताया गया है। कनाडा में पूर्व में मारे गए खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर और मोनिंदर सिंह दोनों एक ही संस्था से जुड़े थे। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद सिख फेडरेशन ऑफ कनाडा का पूरा कामकाज मोहिंदर सिंह देख रहे हैं। मोनिंदर सिंह ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और सबूत साझा किए ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में रहने वाले मोनिंदर सिंह ने पुलिस मुलाकात की ऑडियो रिकॉर्डिंग और अधिकारी के विजिटिंग कार्ड की तस्वीर कनाडा के एक न्यूज चैनल के साथ साझा की है। सरे पुलिस का कहना है कि विभाग समय- समय पर ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ प्रक्रिया अपनाता है, जब किसी व्यक्ति के खिलाफ खतरे की जानकारी मिलती है। 2022 में उसे और निज्जर को मिली थी चेतावनी मोनिंदर सिंह ने सरे के ग्लोबल टीवी चैनल के साथ बात करते हुए दावा किया कि 2022 में उन्हें और उनके सहयोगी हरदीप सिंह निज्जर को भी ऐसी ही चेतावनी मिली थी। अगले साल 2023 में निज्जर की सरे के एक गुरुद्वारा साहिब के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। कनाडाई एजेंसियों ने इस हत्या के पीछे भारत से जुड़े तत्वों की आशंका जताई थी। भारत ने इन आरोपों से इनकार किया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर आरोप मोहिंदर सिंह ने दावा किया कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का नाम आया है और उन्होंने कनाडा में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों ने लाॅरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं। भारत अपने विरोधियों को चुप कराना चाहता है मोनिंदर सिंह का आरोप है कि भारत कनाडा में आपराधिक गिरोहों का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाता है। वे खालिस्तान आंदोलन के समर्थक रहे हैं और भारत सरकार अब अपने नेटवर्क के जरिए उन पर हमला करवाने की योजना बना रहा है। मोनिंदर सिंह ने कहा कि वो कारोबारी नहीं है। उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है कि वो राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनाड़ा में रंगदारी संकट का कारण मोनिंदर सिंह का कहना है कि कनाडा में पैदा हुए रंगदारी संकट के लिए सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग और कनाडा में रहने वाला उसका साथ गोल्डी बराड़ है। उन्होंने कहा कि यह मामला कनाडा की संसद में भी उठ चुका है। कार्नी की भारत यात्रा पर सवाल मोहिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा को सिख समुदाय के चेहरे पर तमाचा बताया। उनका कहना है कि जब तक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक भारत के साथ संबंध मजबूत करना जल्दबाजी है। भातर-कनाडा के सुधरते रिश्तों से खालिस्तान समर्थक नाराज खालिस्तान समर्थक हरीदप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत व कनाडा के संबंधों में खटास आ गई थी। कनाडा ने भारतीय एजेंसियों पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था और दोनों देशों के बीच संबंध खत्म हो गए थे। भारत ने अपना दूतावास तक बंद कर दिया था। अब दोनों देशों के बीच फिर से संबंध सुधरने लगे हैं। सुधरते रिश्तों के कारण कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थक कनाडा सरकार से नाराज हैं। वो लगातार भारत से संबंध सुधारने का विरोध कर रहे हैं। खालिस्तान समर्थक मोनिंदर सिंह का यह दावा भी उसी स्टेटर्जी का एक हिस्सा है।
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कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेता की जान को खतरा: सिख फेडरेशन प्रमुख मोनिंदर सिंह को ड्यूटी टू वॉर्न नोटिस, पत्नी और बच्चों को भी धमकी – Ludhiana News


