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गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज ने जिस इंसानी धर्म की ख्वाहिश रची थी, वह महम की पुरानी जामा मस्जिद में जीवंत दिख रही है। यहां की दीवारों पर अरबी आयतें लिखी हैं
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Rohtak News: दीवारों पर अरबी आयतें, हॉल में गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान


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गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज ने जिस इंसानी धर्म की ख्वाहिश रची थी, वह महम की पुरानी जामा मस्जिद में जीवंत दिख रही है। यहां की दीवारों पर अरबी आयतें लिखी हैं
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