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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के 10 अलग-अलग किसान संगठनों ने हरियाणा किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास से कुछ पहले जिंदल चौक से सेक्टर दो की ओर जाने वाली सड़क को अपने आंदोलन का केंद्र बना लिया है। यहां सैकड़ों की संख्या में किसान अपनी मांगों के लिए तीन दिन के लिए पड़ाव पर हैं।
किसानों ने सोमवार को दिन में नारेबाजी की और जब रात हुई तो इसी सड़क को ही अपना घर बना लिया। खुले आसमान के नीचे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों में ही किसानों ने रात गुजारी। वहीं सड़कों पर ही खाना पकाया और रातभर किसानों ने भजन-कीर्तन और लोकगीत गाए। सोमवार को किसान पहले देवीलाल पार्क में दोपहर तक एकत्रित हुए। किसानों ने लंबे समय से अपनी मांगों को अनसुना किए जाने का आरोप लगाते हुए व ट्रेड डील का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच किया। इसके बाद किसानों को जिंदल चौक से पहले पुलिस ने तीन लेयर बैरिकेडिंग कर रोक लिया।
किसानों का नेतृत्व भाकियू शहीद भगत सिंह के अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी, जगदीप सिंह ओलख, प्रिंस वड़ैच, बहादुर मेहला, संजू नंबरदार, संजीव आलमपुर, मंदीप नथवान, लखविंद्र ओलख, उम्मेद लोहान, अशोक बल्हारा, जगबीर कसौला ने किया। किसानों के लिए रातभर भोजन व चाय की व्यवस्था की गई।
सरकार और प्रशासन का रुख : आंदोलनकारी किसानों ने दोपहर तक प्रशासन की ओर से न्योते का इंतजार किया और उसके बाद कूच की चेतावनी भी दी। प्रशासन की ओर से बातचीत के लिए कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इसके बाद कूच करते हुए किसानों ने एलान किया कि वे अब किसी अधिकारी से नहीं बल्कि सीधे मुख्यमंत्री से ही बात करेंगे। आज शाम निकालेंगे मशाल मार्च : किसान संगठन आमजन को जोड़ने के लिए शहर के मुख्य चौकों पर मशाल मार्च निकालेंगे और हर नागरिक को ट्रेड डील के बारे में बताएंगे।
कुरुक्षेत्र। फुटपाथ पर बैठे आंदोलनरत किसान। संवाद– फोटो : kathua news

कुरुक्षेत्र। फुटपाथ पर बैठे आंदोलनरत किसान। संवाद– फोटो : kathua news
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Kurukshetra News: किसानों ने सड़क पर ही ट्राॅलियों में बनाया आशियाना




