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कुरुक्षेत्र। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सेक्टर 7 ग्राउंड के निकट सात दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के सातवें दिन भक्ति प्रवचन हुए। समापन दिवस के तहत भगवान की दिव्य लीलाओं और भक्तों के जीवन के भीतर छिपे गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को कथा प्रसंग और भजन संकीर्तन के माध्यम से उजागर किया गया। पर्यावरण असंतुलन की समस्या को उठाते हुए गुरु आशुतोष की शिष्या साध्वी कालिंदी भारती ने कहा कि समाज मानव मन की अभिव्यक्ति है। उन्होंने जागरूकता भाव से ओतप्रोत प्रवचनों में कहा कि जब संतों के आदर्शों का परित्याग करते हुए मानव भोग वासना की ओर प्रवृत्त हुआ, तब समाज विषाक्त होता है। जरूरत है मन को प्रदूषण से मुक्त करने की। जब मन का प्रदूषण समाप्त होगा, बाहरी पर्यावरण स्वतः ही स्वच्छ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान मानसिक शुद्धता का सशक्त साधन है। जितनी लालसा बढ़ेगी, प्रकृति का दोहन होगा। हवाओं में जहर, धूल और बीमारियां नहीं पनपने देनी चाहिए। कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को ऐसी विभीषक दुनिया नहीं देना चाहेगा। संतों के बताए मार्ग पर चलकर पृथ्वी को रसातल के मार्ग पर भेजने से बचा सकते हैं, अन्यथा एक दिन पृथ्वी के अस्तित्व को खतरा हो जाएगा। विकासवादी सोच मानव जाति के लिए घातक सिद्ध हो रही है। इसी सोच के कारण मानव प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मानव भयानक बीमारियों से ग्रसित है। यदि प्रदूषण को न रोका गया तो वर्ष 2054 तक सुरक्षा कवच ओजोन परत पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। कथा में महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर जागरूकता से भरे भक्ति प्रवचनों का आनंद लिया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष वेदपाल, डॉ. एसएस मेहला सीएमओ, नरेश गोयल, बलविंद्र सिंह, राजिंद्र सैनी, अशोक रोशा, मोनिका जौहर, बृजमोहन जिंदल और एडवोकेट निर्मल सहित अन्य मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण कथा के दौरान प्रवचन करती साध्वी कालिंदी भारती। संवाद– फोटो : kathua news
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मन को प्रदूषण से मुक्त करने की जरूरत : कालिंदी




