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हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने गांव लाखन माजरा, रोहतक स्थित स्पोर्ट्स नर्सरी में बास्केटबॉल पोल गिरने की घटना, जिसमें एक उभरते हुए राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हार्दिक की मौत को अत्यंत गंभीरता से लिया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा है तथ्यों के आधार पर यह घटना प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन को दर्शाती है। विशेष रूप से भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन, सुरक्षा एवं गरिमा के अधिकार का।
आयोग द्वारा 18 दिसम्बर 2025 को दिए गए आदेश की अनुपालन में उपायुक्त, रोहतक द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में घटना के वास्तविक कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन तथा शोक संतप्त परिवार को मुआवजा प्रदान किए जाने के संबंध में कोई ठोस विवरण उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट में केवल बास्केटबॉल स्टेडियम निर्माण हेतु MPLADS पोर्टल से ₹17,80,294 की राशि स्वीकृत किए जाने का उल्लेख है।आयोग ने यह भी पाया कि 26 नवंबर 2025 को एक जांच समिति गठित की गई थी, किंतु उसकी विस्तृत रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं की गई है। साथ ही, खेल उपकरणों एवं अवसंरचना की सुरक्षा जांच, नियमित निरीक्षण, संरचनात्मक स्थिरता परीक्षण तथा मुआवजा प्रदान करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के संबंध में भी कोई स्पष्ट व्यवस्था परिलक्षित नहीं होती।
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हार्दिक राठी मौत मामला: मानव अधिकार आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए सवाल


