डाॅ. धवन किडनैपिंग: सिपाही के कजन की कार में किया था अपहरण, सीबीआई ने दाखिल की 8400 पन्नों की चार्जशीट Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़ सेक्टर 43 जिला अदालत के गेट से डॉ. मोहित धवन का अपहरण करने के मामले में एक ओर बड़ा खुलासा हुआ है।

करीब एक साल तक चली जांच के बाद सीबीआई की ओर से अदालत में दाखिल की गई 8400 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार मोहित धवन का अपहरण करने के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया गया था। एक कार सिपाही विकास हुड्डा के कजन की थी। जबकि दूसरी सरकारी बोलेरो गाड़ी थी। 

सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि पुलिसकर्मियों ने डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन को सात जनवरी 2022 को अदालत के गेट के बाहर से अपहरण करने के बाद सिपाही के कजन की कार में तीन से चार घंटे तक घुमाया। सेक्टर 43 से सेक्टर 44 और फिर वापस सेक्टर 43 में लेकर आए। तीन से चार घंटे इन सेक्टरों में आई 20 कार में घुमाते रहे। 

सेक्टर 43 में आने के बाद डॉ. धवन को आई 20 कार से बोलेरो में शिफ्ट किया और फिर उनकी गिरफ्तारी डाली गई। यहीं नहीं 9 पुलिसकर्मियों ने अपहरण से पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था, जिसका नाम धवन रखा गया। इस ग्रुप में हरिंदर सेखों भी जुडे़ थे। एसआई सुरेश कुमार ने कुछ ही घंटे पहले यह बनाया गया था। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने डॉ. धवन को कोर्ट में पेश होने से रोकने के लिए अवैध रूप से हिरासत में रखा।

दो पुलिसकर्मियों का नाम जोड़ा

सीबीआई ने चार्जशीट में दो अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी जोड़ा है। इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, एसआइ सुरेश कुमार, एएसआइ अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा, कॉन्स्टेबल सुभाष, एएसआइ बलवंत, हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम और कॉन्स्टेबल प्रदीप के खिलाफ केस चलेगा।

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डाॅ. धवन किडनैपिंग: सिपाही के कजन की कार में किया था अपहरण, सीबीआई ने दाखिल की 8400 पन्नों की चार्जशीट