चंडीगढ़ पुलिस ने फंसने के डर से गायब किए मोबाइल: डेंटिस्ट अपहरण केस में खुलासा, वारदात के लिए ‘धवन’ नाम का वाट्सऐप ग्रुप बनाया – Chandigarh News Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़ के नामी डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन के अपहरण मामले में जांच कर रही सीबीआई ने इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि पुलिसकर्मियों ने पहले डॉ. धवन का अपहरण किया और जब जांच का दायरा बढ़ा तो फंसने के डर से अपने-अपने मोबाइल फोन गुम कर दिए, ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य न मिल सकें। सीबीआई ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस ने अपराध छिपाने के इरादे से जानबूझकर अपने मोबाइल नष्ट या गुम किए। किसी ने फोन सैर करते समय गिरने की बात कही तो किसी ने साइकलिंग के दौरान मोबाइल खोने का दावा किया। जांच एजेंसी के हाथ केवल कॉन्स्टेबल रिंकू राम का मोबाइल लगा, जिससे एक व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली, इसमें कथित रूप से अपहरण की साजिश रची जा रही थी। टावर लोकेशन और कॉल डिटेल से खुली साजिश सीबीआई जांच में सामने आया कि 7 जनवरी 2022 को सुबह 10:24 से 10:27 बजे तक डॉ. धवन की मोबाइल टावर लोकेशन जिला अदालत की थी। यानी वह हाईकोर्ट के आदेश पर अदालत पहुंचे थे। उसी दौरान पुलिसकर्मियों के बीच लगातार फोन कॉल्स हुईं। जांच में पाया गया कि कांस्टेबल प्रदीप ने सुबह सवा 10 बजे से 11 बजे के बीच अन्य पुलिसवालों को 11 बार कॉल की। इंस्पेक्टर सेखों ने भी एसआई सुरेश कुमार से कई बार बातचीत की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन के आधार पर सीबीआई ने निष्कर्ष निकाला कि अदालत के बाहर से ही डॉ. धवन को अगवा करने की साजिश रची गई थी। इन पुलिसकर्मियों पर चलेगा केस इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों एसआई सुरेश कुमार एएसआई अजमेर सिंह एएसआई बलवंत हेड कांस्टेबल अनिल कुमार हेड कांस्टेबल रिंकू राम कांस्टेबल विकास हुड्डा कांस्टेबल सुभाष कांस्टेबल प्रदीप सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपी गई जांच डॉ. धवन ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश को प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 में हाईकोर्ट के आदेश में संशोधन करते हुए मामले की जांच पंजाब पुलिस की बजाय सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद सीबीआई ने 30 जनवरी 2025 को इंस्पेक्टर सेखों समेत सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जमानत रद्द करवाने की साजिश का आरोप

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