Ambala News: किसानों और पुलिस के बीच झड़प, धरना स्थल से उखाड़े टेंट, हाईवे किनारे बैठे तो किसानों को छोड़ा Latest Haryana News

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अंबाला/ साहा। अंबाला रिंग रोड परियोजना में खेतों से रास्ता देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों और पुलिस के बीच वीरवार दोपहर को जमकर झड़प हुई। एनएचएआई के अधिकारियों के साथ समझौता न होने के बाद किसान मशीनों की घेराबंदी करने लगे तो पुलिस व किसानों के बीच तीन बजे झड़प हो गई। पुलिस ने आधा दर्जन किसानों को हिरासत में लेकर अंबाला कैंट के हाउसिंग बोर्ड चौकी में ले गए। देखते ही देखते किसान जाम की चेतावनी देते हुए अंबाला-जगाधरी हाईवे किनारे जमा हो गए। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी भी मौके पर पहुंचे व एसडीएम अंबाला कैंट विनेश कुमार, कैंट डीएसपी से हिरासत में लिए किसानों की छोड़ने की बात पर अड़ गए। देरशाम तक यह विरोध जारी रहा।

गुरनाम सिंह चढूनी की वीडियो के बाद जमा हुए किसान

सपेहड़ा गांव में चल रहे धरनास्थल पर हुई झड़प के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर किसानों को एकजुट होने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की सांसें फूल गईं। भारी पुलिस तैनात किया गया। शाम 5 बजे के करीब गुरनाम सिंह ने आकर पहले कैंट डीएसपी रमेश कुमार व फिर एसडीएम विनेश कुमार से बातचीत कर हिरासत में लिए किसानों को छोड़ने की बात कही। उनकी मांग थी कि हिरासत में लिए गए लोग जब तक धरना स्थल पर नहीं पहुंच जाते, वह नहीं उठेंगे।

यह था पूरा मामला

अंबाला रिंग रोड सपेहड़ा व आसपास के पांच गांवों से होकर गुजर रहा है। किसानों का कहना है कि रिंग रोड तो बना रहे हैं पर उनके खेत से निकलने के लिए रास्ता नहीं दे रहे। इसको लेकर किसानों ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में मांग करते हुए रिंग रोड के काम को रुकवा दिया था। इसके बाद भी अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन्हीं हालात को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने मंगलवार को महापंचायत की घोषणा की थी। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से खुद सोशल मीडिया पर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पंचायत में पहुंचने की अपील की थी। महापंचायत में एनएचएआई के अधिकारियों ने एक सप्ताह में समाधान निकालने का समय दिया था। वीरवार को सभी अधिकारी व बड़ी संख्या में पुलिस बल पहले ही तैनात कर दिया गया था।

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