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चंडीगढ़ के कांसल के 25 वर्षीय पंकज का शव 14 फरवरी की शाम करीब चार बजे सुखना झील के पीछे गोल्फ क्लब के पास झाड़ियों में मिला था। पास ही सड़क किनारे उसकी सीटी-100 बाइक लावारिस हालत में खड़ी थी।
सूचना मिलते ही सेक्टर-26 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी परिवार को मौत के कारण की जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि पंकज 10 फरवरी से लापता था। गुमशुदगी की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
पंकज की मां की आंखें सूज चुकी हैं। कांपती आवाज में कहती हैं…जब मेरा बेटा 10 फरवरी से लापता था, तब किसी ने उसे ढूंढने की कोशिश नहीं की। अब पुलिस वाले कहते हैं कि खुद जाकर कैमरे चेक करो। परिवार ने मांग की है कि पंकज की मौत की निष्पक्ष जांच हो, यह पता लगाया जाए कि उसके साथ कौन लोग थे और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
नशा मुक्ति केंद्र से आया था वापस
मृतक के भाई पुनीत ने कहा कि 9 फरवरी को पंकज मोहाली के एक नशा मुक्ति केंद्र से 45 दिन बाद घर लौटा था। अगले दिन बाल कटवाने की बात कहकर निकला लेकिन वापस नहीं आया। परिवार का दावा है कि वह दो युवकों के साथ सीसीटीवी में दिखाई दिया जिनके मोबाइल फोन बंद हैं। जब पुलिस से फुटेज खंगालने की मांग की गई तो जवाब मिला कि खुद जाकर कैमरे देख लें। गोल्फ क्लब में कैमरे खराब बताए गए।
परिवार का आरोप है कि जांच अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी भी साझा नहीं की गई। सेक्टर-26 के एसएचओ का कहना है कि पोस्टमार्टम हो चुका है। यदि परिवार को रिपोर्ट चाहिए तो जांच अधिकारी जानकारी दे देगा या परिजन थाने आकर रिपोर्ट देख सकते हैं।
बेटे की मौत के बाद से बात करते हुए मां का दर्द छलक पड़ता है। 26 साल तक बेटे को पाला, अब उसकी मौत के बाद भी सच्चाई जानने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सुखना झील के पीछे गोल्फ क्लब के पास पसरा सन्नाटा अब एक परिवार की चीखें समेटे हुए है।
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न्याय को भटक रहा परिवार: मां बोली-बेटा जिंदा था तो ढूंढा नहीं, अब पुलिस वाले कहते हैं खुद कैमरे चेक करो


