Jind News: तीन नगर पार्षद अयोग्य घोषित, साढ़े चार साल चुनाव लड़ने पर रोक haryanacircle.com

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जींद। जिले के तीन पार्षदों को चुनाव आयोग के नियमों का पालन नहीं करना महंगा पड़ गया है। चुनाव आयोग ने खर्च का ब्योरा नहीं देने पर नगर परिषद के दो पार्षदों और उचाना के एक पार्षद की सदस्यता को रद्द कर दिया है। साढ़े चाल साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दिया है।

चुनाव आयोग ने जिन पार्षदों की सदस्यता को रद्द किया है उसमें नगर परिषद जींद के वार्ड-17 की सुशीला चहल, वार्ड-21 के सतपाल कुंडू और उचाना के वार्ड-12 की गीता शामिल हैं। हरियाणा चुनाव आयोग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि इस आर्डर के मिलने के 45 दिनों के अंदर राज्य चुनाव आयोग के सामने पार्षद रिव्यू के लिए अपील कर सकते हैं।

चुनावी खर्च का ब्योरा एक माह के अंदर जमा नहीं करने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने 26 सितंबर 2025 को तीनों पार्षदों को अयोग्य ठहरा दिया था। इस फैसले के खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग में अपील की थी। नगर परिषद जींद के आम चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे और नतीजा 22 जून को घोषित किया था।

29 जनवरी को आयोग ने तीनों पार्षदों को पर्सनल हियरिंग का मौका दिया और उनका पक्ष सुना। पार्षदों की तरफ से सुनवाई के दौरान जो तथ्य रखे गए, उनको ध्यान में रखते हुए राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह ने राहत देते हुए अयोग्यता के पांच साल में से छह माह कम कर दिए। यानी तीनों पांच साल की बजाय साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे।

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फैसले के रिव्यू के लिए करेंगी अपील

पार्षद सुशीला चहल का कहना है कि अभी रिव्यू का मौका है। जल्द ही राज्य चुनाव आयोग में फैसले के रिव्यू यानी पुनर्निरीक्षण के लिए अपील करेंगी। उन्हें उम्मीद हैं कि फैसला उनके हक में आएगा। 29 जनवरी को सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना खर्च का ब्योरा भी जमा करवा दिया था। वह फैसले के रिव्यू के लिए अपील करेंगी।

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