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जींद। हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को लेकर लखनऊ से एक टीम जींद पहुंच चुकी है। अब उम्मीद है कि ट्रेन के दूसरे इंजन का ट्रायल इसी माह हो सकता है।
29 जनवरी से लेकर तीन फरवरी तक भंभेवा में हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन की टेस्टिंग की गई थी। डीजल इंजन की मदद से हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन को भंभेवा लाया गया था। यहां चेन्नई की मेधा कंपनी और दिल्ली से रेलवे कर्मचारी भी टेस्टिंग के लिए पहुंचे थे। इस दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई थी।
रेलवे की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह टेस्टिंग की गई थी। इसके साथ जींद-सोनीपत ट्रैक पर झाड़ियां भी साफ की गई थीं। एक सप्ताह से हाइड्रोजन प्लांट में बंद पड़े कंप्रेशर को भी ठीक कर लिया गया है। यदि दूसरे इंजन के बाद ट्रैक का ट्रायल पूरी तरह सफल रहेगा तो आने वाले समय में हाइड्रोजन ट्रेन यात्रियों के लिए एक नई और सुरक्षित सुविधा साबित होगी।
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