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चंडीगढ़ में अफसरशाही इस कदर हावी है कि सेक्टर-26 में स्ट्रॉबेरी फील्ड्स और सेंट कबीर स्कूल के बाहर वाली सड़क को रोजाना अलग-अलग समय स्लॉट में वन-वे कर दिया जाता है।
सुबह 7 से 9, 10 से 12 और दोपहर 1 से 3 बजे तक आम वाहनों की आवाजाही सीमित रहती है। इस दौरान मंडी चौक से सुखना झील और गोल्फ रेंज की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक मोड़ दिया जाता है।
पंजाब लोक भवन और बापूधाम की ओर से आने वाले वाहन चालकों को भी वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाता है। ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर रोजाना छह घंटे तक सड़क सीमित रहने से आम वाहन चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। हैरान करने वाली बात है कि ट्रैफिक पुलिस यहां न तो चालान करती है और न ही आम लोगों को आने वाली परेशानी की तरफ ध्यान है।
शहर के ज्यादातर अफसरों, कारोबारियों और रसूखदार के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं। यहां से वन-वे व्यवस्था के बावजूद स्कूल समय में अभिभावकों की गाड़ियां सड़क के बीचों-बीच खड़ी रहती हैं। कई वाहन चालक बच्चों को लेने-छोड़ने के लिए गाड़ी रोककर स्कूल परिसर तक चले जाते हैं जिससे जाम की स्थिति बनती है। दूसरी ओर, शहर के कुछ स्कूलों के बाहर सड़क पर वाहन खड़े करने पर चालान कर दिए जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस के उच्चाधिकारी कहना है कि स्कूल समय में भीड़ नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात किए जाते हैं। सड़क पर अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ चालान के निर्देश हैं।
छह घंटे कैसे रहता है प्रतिबंध
सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक वन-वे
10:00 से 12:00 बजे तक दोबारा प्रतिबंध
दोपहर 1:00 से 3:00 बजे तक फिर रोक
मंडी चौक से सुखना झील जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग
वैकल्पिक रूट पर डायवर्जन
स्कूल प्रबंधन से बैठक कर अधिक से अधिक बच्चों को बस से आने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत पिक एंड ड्रॉप स्कूल परिसर के भीतर होना चाहिए। सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने वालों के चालान के निर्देश दिए गए हैं। -सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी ट्रैफिक, चंडीगढ़ पुलिस
यह स्पेशल ट्रीटमेंट जैसा लगता है
जिस रास्ते को बंद किया जाता है, उसके आसपास तीन-चार सरकारी स्कूल भी हैं जहां चार-पांच हजार बच्चे पढ़ते हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर कभी ऐसी व्यवस्था नहीं की गई। क्या यह विशेष वर्ग को राहत देने के लिए किया जा रहा है। इस मुद्दे को पहले भी उठा चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं निकला। -यंकी कालिया, सामाजिक कार्यकर्ता, बापूधाम
सरकारी स्कूलों के लिए कभी नहीं बनी ऐसी व्यवस्था
बापूधाम और सेक्टर-26 में भी लाइट पॉइंट के पास सरकारी स्कूल हैं जहां हजारों बच्चे पढ़ते हैं। वहां ट्रैफिक प्रबंधन के नाम पर कभी रास्ता बंद नहीं किया गया। सुबह और दोपहर में यहां जिस तरह सड़क रोकी जाती है, उससे साफ तौर पर स्पेशल ट्रीटमेंट की झलक मिलती है। -दिलीप कुमार, पार्षद, बापूधाम
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अफसरशाही का कमाल: चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में लाडलों के लिए कर दिया वन-वे, छह घंटे आम ट्रैफिक पर रोक


